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केरल में निजी बस संचालकों का संकट गहराया: ईंधन कीमतों में वृद्धि और मुफ्त यात्रा योजना से बढ़ा नुकसान

मुख्य तथ्य केरल में निजी बस संचालक गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। ईंधन कीमतों में वृद्धि और राज्य सरकार की महिलाओं एवं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना (प्रियदर्शिनी) के कारण…

मुख्य तथ्य

केरल में निजी बस संचालक गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। ईंधन कीमतों में वृद्धि और राज्य सरकार की महिलाओं एवं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना (प्रियदर्शिनी) के कारण उनका नुकसान बढ़ गया है। संगठनों ने मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन से मिलकर इस संकट से अवगत कराने का निर्णय लिया है।

विस्तृत जानकारी

ऑल केरल बस ऑपरेटर्स ऑर्गनाइजेशन के टी. गोपीनाथन के अनुसार, 2022 में अंतिम किराया संशोधन के बाद से डीजल की कीमत में लगभग ₹10 प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। एक बस प्रतिदिन 80 लीटर डीजल की खपत करती है, जिससे अतिरिक्त खर्च लगभग ₹800 प्रति दिन बढ़ गया है।

इसके अलावा, प्रियदर्शिनी योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के KSRTC बसों में शिफ्ट होने से निजी बसों में यात्रियों की संख्या में गिरावट आई है। परिणामस्वरूप, प्रत्येक बस को प्रतिदिन ₹1,000 से ₹4,000 तक का नुकसान हो रहा है। गोपीनाथन ने कहा, 'यदि यह स्थिति जारी रही, तो निजी बसें एक भी दिन संचालित नहीं हो पाएंगी।'

प्रभाव और चुनौतियां

हालांकि राज्य सरकार ने 2026-27 के संशोधित बजट में ऑल इंडिया परमिट वाहनों पर कर 50% कम करने की घोषणा की है, लेकिन इससे बस मालिकों की दैनिक आय में केवल ₹130 से ₹150 की राहत मिलती है। केरल बस ऑपरेटर्स फेडरेशन के महासचिव हम्सा एरिक्कुन्नन के अनुसार, यह राहत केवल उन रूटों पर काम आएगी जहां KSRTC की उपस्थिति न्यूनतम है। जिन रूटों पर KSRTC संचालित होती है, वहां निजी बसों की दैनिक आय में ₹2,000 से ₹6,000 तक की कमी आई है।

एरिक्कुन्नन ने कहा, 'निजी बसें इन रूटों पर ईंधन खर्च या कर्मचारियों के वेतन के लिए पर्याप्त आय के बिना संचालित हो रही हैं।' उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार निजी बसों में भी महिला यात्रियों के लिए शून्य किराया यात्रा लागू करे और बस मालिकों को KSRTC को दिए जाने वाले किराया प्रतिपूर्ति के बराबर मुआवजा दे। अन्यथा, KSRTC के एकाधिकार वाले रूटों पर निजी बसें 30 जून के बाद अपनी सेवाएं बंद करने को मजबूर होंगी।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

यह संकट केरल में निजी परिवहन क्षेत्र की स्थिरता को चुनौती देता है। यदि निजी बसें बंद होती हैं, तो लाखों यात्री प्रभावित होंगे। सरकार को निजी बस संचालकों की व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • निजी बस संचालकों को प्रतिदिन कितना नुकसान हो रहा है?
    प्रत्येक बस को प्रतिदिन ₹1,000 से ₹4,000 तक का नुकसान हो रहा है।
  • मुफ्त यात्रा योजना का निजी बसों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
    KSRTC रूटों पर महिलाओं के KSRTC बसों में शिफ्ट होने से निजी बसों की दैनिक आय में ₹2,000 से ₹6,000 तक की कमी आई है।
  • बस संचालकों ने क्या मांग की है?
    उन्होंने मांग की है कि सरकार निजी बसों में भी महिलाओं के लिए शून्य किराया यात्रा लागू करे और उन्हें KSRTC के बराबर मुआवजा दे।
  • क्या निजी बस सेवाएं बंद होने का खतरा है?
    हां, KSRTC के एकाधिकार वाले रूटों पर निजी बसें 30 जून के बाद अपनी सेवाएं बंद करने को मजबूर हो सकती हैं।

स्रोत: www.thehindu.com

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