मुख्य बिंदु
केरल में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है जब नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन पर गंभीर आरोप लगाए। विजयन ने रविवार को तिरुवनंतपुरम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सीएम ने महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति के संबंध में भ्रामक बयान दिया।
विवरण
विजयन ने कहा कि पिछले कुलपति का कार्यकाल 31 मई को समाप्त हुआ, जो यूडीएफ सरकार के सत्ता संभालने के दो सप्ताह बाद था। उन्होंने आरोप लगाया कि यूडीएफ सरकार को राज्यपाल को संभावित उम्मीदवारों की सूची देनी थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। सीएम ने इस तथ्य को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में छिपाया।
विजयन ने कहा कि सीएम ने राज्यपालों द्वारा केरल के उच्च शिक्षा क्षेत्र में हस्तक्षेप के बारे में भी भ्रामक बयान दिए। सीएम ने कहा था कि राज्यपाल एलडीएफ के कार्यकाल के दौरान भी विश्वविद्यालयों में संघ परिवार के लोगों को नियुक्त कर रहे थे। विजयन ने कहा कि 2014 में केंद्र में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से केंद्रीय विश्वविद्यालयों को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू हुए, और 2018 में राज्य विश्वविद्यालयों में भी ऐसे प्रयास होने लगे। एलडीएफ ने कानून बनाकर, कानूनी उपाय करके और सड़कों पर संघ परिवार के प्रयासों का मुकाबला किया। यूडीएफ ने इसमें राज्य सरकार का विरोध किया था। लेकिन अब यूडीएफ सत्ता में आने के बाद सरकार और यूडीएफ नेतृत्व ने राज्यपाल से टकराव न करने का रुख अपनाया है। विजयन ने कहा, "यूडीएफ ने पूरी तरह से संघ परिवार के रुख के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।"
अन्य मुद्दे
विजयन ने सीएम सतीशन की अडानी समूह के एक अधिकारी और एनडीए नेताओं से चार्टर्ड फ्लाइट में मुलाकात पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब तक सीएम इस बैठक में चर्चा के बारे में स्पष्टता नहीं लाते, तब तक इस पर संदेह बना रहेगा।
के.बी. प्रदीप की नियुक्ति पर विजयन ने कहा कि शबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में आरोपी कंपनी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील को देवस्वोम विशेष सरकारी अधिवक्ता नियुक्त करना संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि इस नियुक्ति से मामले को दबाने की साजिश का संदेह होता है। देवस्वोम मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस नियुक्ति की जानकारी नहीं थी, इसलिए सीएम इसके लिए जिम्मेदार हैं। जांच होनी चाहिए कि क्या वकील ने उस छोटी अवधि में मामले से संबंधित दस्तावेज संभाले।
पीएम श्री योजना पर यूडीएफ सरकार के दावों पर विजयन ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार अपने पिछले रुख से पलट रही है। एलडीएफ सरकार ने इस योजना को आगे न बढ़ाने का फैसला किया था।
विजयन ने सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन के बयान को दोहराया कि वेल्लपल्ली नटेसन के मुस्लिम समुदाय के खिलाफ सांप्रदायिक बयान को जोरदार ढंग से न फटकारने से अल्पसंख्यक समुदाय में एलडीएफ सरकार के प्रति नाराजगी पैदा हुई।
सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए विजयन ने कहा कि सीपीआई नेता को पहले जांच करनी चाहिए कि क्या ऐसे लोग उन विभागों का हिस्सा थे जो उनकी पार्टी के नियंत्रण में थे। उन्होंने कहा कि यूडीएफ सरकार और वन मंत्री तीन सप्ताह में छह मौतों के बावजूद वन्यजीव हमलों से निपटने में ढीले हैं।
FAQ
पिनराई विजयन ने सीएम सतीशन पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम ने कुलपति नियुक्ति के संबंध में गलत बयान दिया और राज्यपाल के हस्तक्षेप के मामले में यूडीएफ सरकार संघ परिवार के सामने झुक गई।
महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्ति विवाद क्या है?
यूडीएफ सरकार ने आरएसएस से जुड़े शिक्षक संघ के नेता को कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया, जिसका विपक्ष ने विरोध किया।
सीएम सतीशन ने पिनराई विजयन के आरोपों का क्या जवाब दिया?
फिलहाल सीएम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
स्रोत: www.thehindu.com