मुख्य तथ्य
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार (12 जून, 2026) को एर्नाकुलम जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति को वायट्टिला स्थित चंदर कुंज आर्मी अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स के ट्विन टावरों को गिराने का निर्देश दिया। यह अपार्टमेंट आर्मी वेलफेयर हाउसिंग ऑर्गनाइजेशन (AWHO) द्वारा विकसित किया गया था।
विवरण
याचिकाकर्ता पी.के. यूनिक प्रोजेक्ट लिमिटेड ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बी और सी टावरों के विध्वंस के लिए 'कार्य की पुष्टि' जारी करने की मांग की थी। कंपनी ने समिति के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें विध्वंस का काम दूसरी फर्म एडिफिस इंजीनियरिंग को सौंपा गया था।
न्यायमूर्ति आर. नारायण पिशाराडी ने समिति के उस निर्णय पर रोक लगाने से इनकार कर दिया जिसमें एडिफिस इंजीनियरिंग के पक्ष में टेंडर अंतिम रूप दिया गया था, भले ही वह वित्तीय बोली में दूसरे स्थान पर थी। याचिकाकर्ता पी.के. यूनिक प्रोजेक्ट लिमिटेड ने सबसे कम बोली लगाई थी।
प्रभाव और महत्वपूर्ण जानकारी
राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता मुहम्मद शाह ने तर्क दिया कि एडिफिस इंजीनियरिंग को उसकी तकनीकी विशेषज्ञता और आस-पास की संरचनाओं पर बिना किसी प्रभाव के सुरक्षित विध्वंस के अनुभव के आधार पर अनुबंध दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि टेंडर मूल्यांकन में तकनीकी क्षमताओं को 70% और वित्तीय बोली को 30% भारांश दिया गया।
एडिफिस इंजीनियरिंग ने बोली मूल्यांकन में शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि याचिकाकर्ता तीसरे स्थान पर रहा। एडिफिस ने माराडू अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स का विध्वंस भी किया था, जैसा कि अदालत को बताया गया।
हाईकोर्ट ने गंभीर संरचनात्मक खामियों का हवाला देते हुए टावरों को गिराने और पुनर्निर्माण का आदेश दिया था। इस फैसले से 208 अपार्टमेंट मालिक प्रभावित हुए, जिन्हें AWHO द्वारा कुल 2.97 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया। बी टावर के मालिकों को 30,000 रुपये प्रति माह और सी टावर के मालिकों को 35,000 रुपये प्रति माह की दर से मुआवजा दिया गया।
FAQ
चंदर कुंज ट्विन टावर कहाँ स्थित हैं?
ये टावर केरल के एर्नाकुलम जिले के वायट्टिला में स्थित हैं।
टावरों को क्यों गिराया जा रहा है?
हाईकोर्ट ने गंभीर संरचनात्मक खामियों के कारण इन टावरों को गिराने का आदेश दिया था।
विध्वंस का काम कौन करेगा?
एडिफिस इंजीनियरिंग को यह काम सौंपा गया है, जिसने माराडू अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स का विध्वंस भी किया था।
अपार्टमेंट मालिकों को कितना मुआवजा मिला?
208 अपार्टमेंट मालिकों को कुल 2.97 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया।
स्रोत: www.thehindu.com