केरल में इबोला के खिलाफ मजबूत एहतियाती कदम
केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि राज्य ने इबोला वायरस के खिलाफ मजबूत एहतियाती उपाय लागू किए हैं। ये कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार उठाए गए हैं, जब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में इबोला के मामले सामने आए थे।
स्क्रीनिंग और क्वारंटीन की व्यवस्था
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य के चारों हवाई अड्डों और प्रमुख बंदरगाहों पर विशेष प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया है। ये कर्मी इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं, जिसमें लक्षणों, यात्रा इतिहास और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने की जानकारी ली जा रही है। लक्षण विकसित करने वाले किसी भी व्यक्ति को अनिवार्य रूप से 21 दिनों के क्वारंटीन से गुजरना होगा और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में रहना होगा।
कोट्टायम में संदिग्ध मामला
मंत्री ने बताया कि कोट्टायम में एक व्यक्ति में लक्षण विकसित होने पर उसे तुरंत जिला आइसोलेशन सुविधा में स्थानांतरित कर दिया गया और चिकित्सकीय मूल्यांकन किया गया। हालांकि, अब तक इबोला का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है।
सभी जिलों में तैयारियां
सभी 14 जिलों में आइसोलेशन और क्वारंटीन सुविधाएं स्थापित की गई हैं, ताकि इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके। आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था और स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण भी सुनिश्चित किया गया है।
यात्रियों का आंकड़ा
अब तक इबोला प्रभावित देशों से 206 यात्री केरल पहुंचे हैं। इनमें से 74 वर्तमान में होम क्वारंटीन में हैं, 75 ने क्वारंटीन पूरा कर लिया है या राज्य छोड़ चुके हैं, जबकि 57 को अन्य राज्यों को सूचित किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केरल में इबोला के कितने मामले सामने आए हैं?
अब तक केरल में इबोला का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। एक संदिग्ध मामले में कोट्टायम में व्यक्ति को आइसोलेशन में रखा गया था।
इबोला से प्रभावित देशों से कितने यात्री केरल पहुंचे हैं?
अब तक 206 यात्री इबोला प्रभावित देशों से केरल पहुंचे हैं, जिनमें से 74 होम क्वारंटीन में हैं।
केरल सरकार ने इबोला रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सभी हवाई अड्डों और प्रमुख बंदरगाहों पर विशेष प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा स्क्रीनिंग की जा रही है। सभी 14 जिलों में आइसोलेशन और क्वारंटीन सुविधाएं स्थापित की गई हैं।