मुख्य तथ्य
केरल के कन्नूर जिले में चेंगलायी ग्राम पंचायत ने 'सज्जम' नामक एक स्वयंसेवी आपदा प्रतिक्रिया बल का गठन किया है। यह पहल 2018 और 2019 की विनाशकारी बाढ़ तथा वायनाड भूस्खलन से सीखे गए सबक पर आधारित है। पंचायत ने 31 दिसंबर 2026 तक केरल का पहला पूर्ण सुरक्षा साक्षर पंचायत बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी रखा है।
विस्तार से जानकारी
2018 और 2019 की बाढ़ के दौरान पंचायत से लगभग 1,500 परिवारों को विस्थापित होना पड़ा था। इस अनुभव ने स्थानीय प्रशासन को एक स्थायी और प्रशिक्षित स्वयंसेवी बल बनाने के लिए प्रेरित किया। सज्जम बल में पंचायत के 20 वार्डों में से प्रत्येक से पांच स्वयंसेवकों को शामिल किया गया है, जिन्हें सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से चुना गया। इन स्वयंसेवकों को अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए बल को तीन क्लस्टरों—चेंगलायी, चुझाली और वलक्कई—में विभाजित किया गया है।
पंचायत अध्यक्ष बी.पी. विपिन ने कहा, "हम नहीं चाहते कि लोग आपात स्थितियों में असहाय दर्शक बने रहें। विचार यह था कि एक प्रशिक्षित स्वयंसेवी बल तैयार किया जाए जो तुरंत प्रतिक्रिया दे सके। इसी से सज्जम का जन्म हुआ।" पंचायत उपाध्यक्ष के.के. रवि ने कहा, "हर निवासी को पता होना चाहिए कि आपात स्थितियों में कैसे प्रतिक्रिया देनी है, जहां तत्काल हस्तक्षेप जीवन बचा सकता है।"
प्रभाव और महत्व
यह पहल न केवल बाढ़ बल्कि सभी प्रकार की आपदाओं के लिए समुदाय को तैयार करने पर केंद्रित है। पंचायत ने पहले ही एक आपदा प्रबंधन मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। सुरक्षा साक्षरता अभियान के पहले चरण में 14 स्कूलों के 3,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल में एक शिक्षक को समन्वयक और एक छात्र नेता नियुक्त किया गया है। अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं के अधिकारी कक्षाओं में प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद कार्यक्रम को ऑटो रिक्शा चालकों तक बढ़ाया जाएगा, और प्रत्येक प्रशिक्षण क्लस्टर लगभग 50 घरों को कवर करेगा ताकि हर परिवार का कम से कम एक सदस्य आपातकालीन प्रतिक्रिया कौशल प्राप्त कर सके।
पंचायत अपने 268 पड़ोस समूहों के माध्यम से घरेलू सर्वेक्षण भी कर रही है ताकि ज्ञान में कमियों की पहचान की जा सके और फिर क्षेत्र-स्तरीय कक्षाएं आयोजित की जा सकें। इस पहल के लिए ₹3 लाख आवंटित किए गए हैं, जिसमें स्वयंसेवी बल के लिए ₹1 लाख और सुरक्षा साक्षरता गतिविधियों तथा प्रशिक्षण उपकरणों के लिए ₹2 लाख शामिल हैं। स्वयंसेवक खतरे वाले स्थानों की भी पहचान करेंगे ताकि आपदाओं को घटित होने से पहले रोका जा सके।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह मॉडल पूरे केरल में स्थानीय निकायों के लिए एक उदाहरण बन सकता है, जो आपदा तैयारी को सामुदायिक सुरक्षा शिक्षा के साथ एकीकृत करता है। चेंगलायी पंचायत का लक्ष्य 2026 तक 90% से अधिक निवासियों को जीवन रक्षक कौशल से लैस करना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- सज्जम क्या है? सज्जम केरल के कन्नूर जिले के चेंगलायी ग्राम पंचायत द्वारा शुरू किया गया एक स्वयंसेवी आपदा प्रतिक्रिया बल है, जिसमें 100 प्रशिक्षित सदस्य हैं।
- सज्जम का उद्देश्य क्या है? इसका उद्देश्य आपात स्थितियों में त्वरित बचाव, जनहानि कम करना और समुदाय को आपदा के लिए तैयार करना है।
- चेंगलायी पंचायत की सुरक्षा साक्षरता योजना क्या है? पंचायत 31 दिसंबर 2026 तक केरल का पहला पूर्ण सुरक्षा साक्षर पंचायत बनने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसमें 90% से अधिक निवासियों को जीवन रक्षक कौशल सिखाए जाएंगे।
- सज्जम में कितने स्वयंसेवक हैं और उन्हें कैसे चुना गया? बल में 100 सदस्य हैं, प्रत्येक वार्ड से 5 स्वयंसेवक सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से चुने गए और अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं द्वारा प्रशिक्षित किए गए।