मुख्य तथ्य
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार PM SHRI (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना से न तो बाहर निकल सकती है और न ही इसे स्थगित कर सकती है। उन्होंने बताया कि पिछली LDF सरकार द्वारा हस्ताक्षरित समझौते में केवल केंद्र सरकार को 30 दिन का नोटिस देकर समझौता समाप्त करने का अधिकार है।
समझौते की शर्तें
समझौता ज्ञापन (MoU) के अनुसार, "स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (DOSE&L), शिक्षा मंत्रालय (MoE), भारत सरकार (GoI) को सार्वजनिक हित में 30 दिन का नोटिस देकर समझौते को रद्द करने, रद्द करने या समाप्त करने का अधिकार सुरक्षित है।" सतीशन ने कहा कि LDF सरकार ने ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसे राज्य न तो रोक सकता है और न ही वापस ले सकता है।
पूर्व मंत्री के लेख का हवाला
मुख्यमंत्री ने पूर्व शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी के पिछले अक्टूबर में प्रकाशित एक लेख का उल्लेख किया। शिवनकुट्टी ने लिखा था कि यह गलत है कि समझौते के बाद राज्य का पाठ्यक्रम केंद्र द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम से बदल दिया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) स्पष्ट करती है कि राज्य अपना पाठ्यक्रम जारी रख सकते हैं। शिवनकुट्टी ने यह भी लिखा कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं को अस्वीकार करना सार्वजनिक हित के खिलाफ होगा।
विपक्ष पर पलटवार
सतीशन ने LDF पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे UDF के PM SHRI पर फैसले की आलोचना कर रहे हैं, तो उन्हें शिवनकुट्टी के इन तर्कों को याद रखना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और शिवनकुट्टी पर कैबिनेट और LDF को समझौते के बारे में अंधेरे में रखने का आरोप लगाया, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी इसका विरोध कर रही थी। सतीशन ने कहा, "केरल में किसी भी मुख्यमंत्री ने ऐसा दोगलापन नहीं दिखाया।"
पाठ्यक्रम की स्वतंत्रता पर स्पष्टीकरण
मुख्यमंत्री ने PM SHRI पर अपने रुख में किसी बदलाव से इनकार किया। उन्होंने कहा, "हम किसी भी ऐसे प्रावधान की अनुमति नहीं देंगे जो राज्य की अपना पाठ्यक्रम तय करने की स्वतंत्रता को प्रभावित करता है।"
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या केरल PM SHRI योजना से बाहर निकल सकता है?
मुख्यमंत्री सतीशन के अनुसार, समझौते में केवल केंद्र सरकार को 30 दिन का नोटिस देकर योजना से बाहर निकलने का अधिकार है, राज्य को नहीं।
PM SHRI योजना के तहत राज्य का पाठ्यक्रम बदलेगा?
पूर्व शिक्षा मंत्री शिवनकुट्टी के लेख के हवाले से सतीशन ने कहा कि NEP स्पष्ट करती है कि राज्य अपना पाठ्यक्रम जारी रख सकते हैं।
विपक्ष ने इस मुद्दे पर क्या आरोप लगाए?
सतीशन ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और शिवनकुट्टी पर कैबिनेट और LDF को समझौते के बारे में अंधेरे में रखने का आरोप लगाया।
स्रोत: www.thehindu.com