मुख्य बिंदु
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, जो वित्त विभाग भी संभालते हैं, 19 जून 2026 को अपना पहला बजट पेश करेंगे। इस बजट में राज्य के वित्तीय संकट को दूर करने और विकास योजनाओं के लिए धन जुटाने की चुनौती होगी। पूर्व केंद्रीय कैबिनेट सचिव के.एम. चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली समिति ने श्वेत पत्र में बताया था कि 2026-27 के बजट अनुमानों में 16वें वित्त आयोग द्वारा आवंटित राशि से 20,500 करोड़ रुपये अधिक का अनुमान लगाया गया था। इस कमी को पूरा करने के लिए 'स्वयं के राजस्व का आक्रामक जुटाव और व्यय को प्राथमिकता' देने की आवश्यकता है।
वित्तीय चुनौतियां और सरकार का रुख
मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि उनकी सरकार 'सीमाओं के भीतर' काम कर रही है और 20,500 करोड़ रुपये का घाटा एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि सरकार नीति और विकास प्रतिमान के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण अपना रही है। श्वेत पत्र में सुझाव दिया गया था कि राज्य को अपने कर संग्रह में सुधार करना होगा और अनावश्यक खर्चों में कटौती करनी होगी।
इंदिरा गारंटी और ड्रीम प्रोजेक्ट्स
इंदिरा गारंटी योजनाओं के तहत, केरल राज्य सड़क परिवहन निगम की साधारण बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा से 750-800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान है। अन्य गारंटियों में कॉलेज जाने वाली छात्राओं को 1,000 रुपये मासिक सहायता, पेंशन को 3,000 रुपये मासिक करना और सभी परिवारों के लिए 25 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा शामिल है। बजट में 'ड्रीम प्रोजेक्ट्स' के लिए भी धन आवंटित किए जाने की उम्मीद है, जिनमें 'मिशन समुद्र', राज्य के विमानन क्षेत्र का विकास और वायनाड में एक आदिवासी विश्वविद्यालय शामिल हैं।
KIIFB और सार्वजनिक उपक्रमों में सुधार
श्वेत पत्र में KIIFB (केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड) की समीक्षा और फोरेंसिक ऑडिट की सिफारिश की गई थी। साथ ही, गैर-लाभकारी 'गैर-रणनीतिक' सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश, निजीकरण या बंद करने पर विचार करने का सुझाव दिया गया था। हालांकि, KIIFB के ढांचे को पूरी तरह खत्म करना 'बेकार' बताया गया था। बजट में KIIFB में सुधार के प्रस्ताव आ सकते हैं।
SilverLine और अन्य नीतिगत मुद्दे
पिछली LDF सरकार की SilverLine हाई-स्पीड रेल परियोजना को रद्द करने के बाद, सतीशन सरकार ने कहा था कि वह पर्यावरण और वित्तीय रूप से व्यवहार्य हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं का समर्थन करेगी। बजट में SilverLine के विकल्प के रूप में कोई नई परियोजना पेश की जा सकती है।
वेतन आयोग और पेंशन का बोझ
पिछले वेतन संशोधन (2021) से राज्य पर 25,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक खर्च आया था। श्वेत पत्र के अनुसार, 2025-26 में वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान पर राजस्व प्राप्तियों का 77.6% खर्च हुआ। 12वें वेतन आयोग की सिफारिशें अभी आनी बाकी हैं, लेकिन इससे खर्च और बढ़ सकता है।
स्थानीय निकायों के लिए वित्तीय असंतुलन
7वें राज्य वित्त आयोग ने 16वें केंद्रीय वित्त आयोग के आवंटन में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच असंतुलन को उजागर किया था। नगर निगमों और नगर पालिकाओं को असमान रूप से अधिक धन मिलता है, जिससे ग्रामीण स्थानीय निकायों के पास कम संसाधन रह जाते हैं। सरकार को इस मुद्दे पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केरल बजट 2026 में मुख्य चुनौती क्या है?
मुख्य चुनौती 20,500 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे को पाटना है, जो 16वें वित्त आयोग के आवंटन और पिछले बजट अनुमानों के बीच अंतर के कारण उत्पन्न हुआ है।
इंदिरा गारंटी योजनाओं पर कितना खर्च होगा?
महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा से 750-800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा, जबकि अन्य गारंटियों में छात्राओं को 1,000 रुपये मासिक, पेंशन 3,000 रुपये और 25 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा शामिल है।
KIIFB का भविष्य क्या होगा?
श्वेत पत्र में KIIFB के ढांचे को बनाए रखने की सिफारिश की गई है, लेकिन गैर-लाभकारी सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश या बंद करने का सुझाव दिया गया है। बजट में KIIFB में सुधार के प्रस्ताव आ सकते हैं।
SilverLine परियोजना का क्या होगा?
सतीशन सरकार ने SilverLine को रद्द कर दिया है, लेकिन वह पर्यावरण और वित्तीय रूप से व्यवहार्य हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं पर विचार कर सकती है।