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केरल बजट 2025-26: सतीशन का ‘विस्मय’ और वित्तीय त्रिलेमा

मुख्य बिंदु केरल के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री वी.डी. सतीशन ने शुक्रवार को विधानसभा में 2025-26 का संशोधित बजट पेश किया। ‘गवर्नेंस विद एम्पैथी’ (सहानुभूति के साथ शासन) के नारे के साथ पेश इस बजट…

मुख्य बिंदु

केरल के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री वी.डी. सतीशन ने शुक्रवार को विधानसभा में 2025-26 का संशोधित बजट पेश किया। 'गवर्नेंस विद एम्पैथी' (सहानुभूति के साथ शासन) के नारे के साथ पेश इस बजट में नई विकासात्मक थीम पर जोर दिया गया है, लेकिन वित्तीय चुनौतियां भी स्पष्ट हैं।

बजट का विस्तार

संशोधित बजट का आकार पिछले 2.40 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 2.27 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह कमी केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान न मिलने के कारण हुई है। पिछली LDF सरकार ने 16वें वित्त आयोग से 20,000 करोड़ रुपये के अनुदान की उम्मीद की थी, लेकिन आयोग ने राजस्व घाटा अनुदान की सिफारिश नहीं की। सतीशन के संशोधित अनुमान अधिक यथार्थवादी माने जा रहे हैं।

कल्याणकारी योजनाएं

बजट में कांग्रेस के चुनावी वादों को पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। महिलाओं के लिए KSRTC की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा की योजना शुरू की गई है, जिसके लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हालांकि, पेंशन को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का वादा अभी लागू नहीं हुआ है। केरल में लगभग 62 लाख लोग मासिक पेंशन प्राप्त करते हैं, जिनमें से केवल 27 लाख को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भुगतान मिलता है। बाकी को सहकारी संस्थाओं के माध्यम से नकद वितरित किया जाता है, जिसे राजनीतिक जुटान का साधन बताया जाता है।

नई विकासात्मक थीम

बजट में केरल को समुद्री केंद्र (मैरीटाइम हब) बनाने, ब्लू इकोनॉमी, सिल्वर इकोनॉमी (बुजुर्गों पर केंद्रित), नॉलेज वैली और ग्लोबल जॉब वॉच टावर जैसी पहलों पर जोर दिया गया है। सतीशन ने 'विस्मय' (वंडर) शब्द का बार-बार उपयोग करते हुए केरल के भविष्य को चमत्कारिक बताया, लेकिन विश्लेषकों ने वित्तीय गणित में कोई चमत्कार नहीं देखा।

वित्तीय त्रिलेमा

केरल की अर्थव्यवस्था तीन बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है: कम वृद्धि दर (पिछले पांच वर्षों में औसत वास्तविक GSDP वृद्धि 4.1%, जबकि राष्ट्रीय औसत 6% से अधिक), कमजोर कर संग्रह (GST राजस्व वृद्धि 3%, राष्ट्रीय 6%), और केंद्र द्वारा उधारी पर नियंत्रण (अनुच्छेद 293 के तहत)। राज्य योजना बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, केरल को विकास दर में राष्ट्रीय स्तर से अंतर कम करने की आवश्यकता है।

प्रभाव और आगे की राह

मुख्यमंत्री सतीशन के लिए यह बजट परिवर्तनकारी नहीं है, लेकिन यह एक लंबी और कठिन यात्रा की शुरुआत का प्रतिनिधित्व करता है। उन्हें कम वृद्धि, कमजोर कर राजस्व और महत्वाकांक्षी कल्याणकारी प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • प्रश्न: केरल बजट 2025-26 का आकार कितना है?
    उत्तर: संशोधित बजट का आकार लगभग 2.27 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले बजट (2.40 लाख करोड़) से कम है।
  • प्रश्न: बजट में कल्याणकारी योजनाओं के लिए क्या प्रावधान किया गया है?
    उत्तर: KSRTC में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि पेंशन को 3,000 रुपये करने का वादा अभी लागू नहीं हुआ है।
  • प्रश्न: केरल की वित्तीय चुनौतियां क्या हैं?
    उत्तर: कम वृद्धि दर (4.1%), कमजोर कर संग्रह (GST में 3% वृद्धि), और केंद्र द्वारा उधारी पर नियंत्रण (अनुच्छेद 293) के कारण केरल वित्तीय त्रिलेमा का सामना कर रहा है।

स्रोत: www.thehindu.com

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