केरल में नशा मुक्ति अभियान को धार्मिक नेताओं का समर्थन
केरल सरकार ने युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसमें धार्मिक नेताओं को 'तूफान वॉरियर' बनाकर शामिल किया जा रहा है। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शनिवार (20 जून, 2026) को कोझिकोड में आयोजित एक कार्यक्रम में समस्ता केरल जमीय्यतुल उलमा के राज्य अध्यक्ष सैयद मोहम्मद जिफरी मुथुकोया थंगल को 'तूफान वॉरियर' घोषित किया और उन्हें बैज प्रदान किया।
अभियान का उद्देश्य और प्रगति
मीडिया से बातचीत में श्री चेन्निथला ने कहा कि यह पहल संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) सरकार का युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने का प्रयास है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 15 करोड़ रुपये से अधिक की नशीली वस्तुएं जब्त की जा चुकी हैं, जो अभियान की सफलता को दर्शाता है। 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के मौके पर राज्य भर के स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मंत्री, विधायक और सांसद शामिल होंगे।
अन्य धार्मिक नेताओं को भी मिली उपाधि
सुन्नी नेता कंठापुरम ए.पी. अबूबकर मुस्लियार को भी एक अन्य कार्यक्रम में 'तूफान वॉरियर' घोषित किया गया। श्री चेन्निथला ने उनके अभियान में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि लक्ष्य 'नशा मुक्त केरल' है। इसके अलावा, गृह मंत्री ने थामरसेरी डायोसीज के बिशप मार रेमिजियोज इंचानानियिल से मुलाकात की और उन्हें भी इस पहल में शामिल किया। बिशप ने वादा किया कि डायोसीज के सभी चर्चों में नशा विरोधी संदेश पढ़े जाएंगे। वैदिक विद्वान एम.आर. राजेश को भी यह उपाधि प्रदान की गई।
अभियान का प्रभाव और आगे की रणनीति
धार्मिक नेताओं को शामिल करके सरकार समाज के हर वर्ग तक नशा विरोधी संदेश पहुंचाना चाहती है। यह रणनीति न केवल जागरूकता बढ़ाने में मददगार होगी, बल्कि समुदायों को एकजुट करके नशे के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा खड़ा करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केरल सरकार का नशा मुक्ति अभियान क्या है?
यह युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए शुरू किया गया एक विशेष अभियान है, जिसमें धार्मिक नेताओं को 'तूफान वॉरियर' बनाकर जागरूकता फैलाई जा रही है।
'तूफान वॉरियर' किसे कहा जाता है?
यह उन प्रमुख व्यक्तियों और स्वयंसेवकों को दी जाने वाली उपाधि है जो नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
इस अभियान के तहत अब तक क्या उपलब्धि हासिल हुई है?
गृह मंत्री के अनुसार, अब तक 15 करोड़ रुपये से अधिक की नशीली वस्तुएं जब्त की जा चुकी हैं।
26 जून को क्या विशेष कार्यक्रम होगा?
अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस के अवसर पर राज्य भर के स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मंत्री, विधायक और सांसद भाग लेंगे।
स्रोत: www.thehindu.com