मुख्य बातें
Save KBR collective ने हैदराबाद के KBR National Park के आसपास की सड़कों पर बचे हुए सभी पेड़ों का geo-tagging कर उनका एक नक्शा जारी किया है। इस अभियान में 672 पेड़ों को चिह्नित किया गया, जिनमें से प्रत्येक को एक अद्वितीय पहचान संख्या, GPS कोऑर्डिनेट्स, प्रजाति और उम्र के साथ दर्ज किया गया।
विस्तार से
यह अभियान नताशा रामरत्नम के नेतृत्व में 15 स्वयंसेवकों की टीम ने तीन दिनों में पूरा किया। नताशा एक वृक्ष प्रेमी और विकास सलाहकार हैं। उन्होंने बताया, "KBR नेशनल पार्क के आसपास के मीडियन पर खड़े हर पेड़ को सटीक GPS कोऑर्डिनेट्स के साथ दस्तावेजित किया गया, एक अद्वितीय पहचान संख्या दी गई, और प्रजाति के अनुसार पहचान कर नक्शे पर अंकित किया गया, जिसे अब सार्वजनिक कर दिया गया है।"
नताशा ने कहा, "हालांकि हम पहले से काटे गए पेड़ों को वापस नहीं ला सकते, लेकिन बचे हुए पेड़ों का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करना महत्वपूर्ण है। एक बार ये पेड़ मैप और गिने जाएंगे, तो उनकी निगरानी और सुरक्षा अधिक प्रभावी हो जाएगी।"
पृष्ठभूमि
यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 18 मई 2026 के स्टे आदेश के बाद उठाया गया, जिसमें KBR पार्क के 25-35 मीटर के दायरे में पेड़ काटने पर रोक लगाई गई थी। यह आदेश संरक्षणवादी काजल महेश्वरी की याचिका पर आया, जब ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) ने हैदराबाद सिटी इनोवेटिव एंड ट्रांसफॉर्मेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तहत पार्क के आसपास छह फ्लाईओवर और छह अंडरपास बनाने के लिए पेड़ काटना शुरू कर दिया था।
इससे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट में छह साल से एक मामला लंबित था, जिसमें काजल महेश्वरी ने वन विभाग के इस दावे को चुनौती दी थी कि अंतिम ESZ अधिसूचना से पहले सार्वजनिक सुनवाई की गई थी।
GHMC को कुल 1,532 पेड़ काटने और 380 पेड़ों को स्थानांतरित करने की अनुमति मिली थी। हैदराबाद जिला वृक्ष संरक्षण समिति के आदेशों के अनुसार केवल 30 पेड़ों को बरकरार रखा जाना था।
प्रभाव और आगे की राह
Save KBR collective का कहना है कि यह नक्शा पार्क के आसपास के पेड़ों की सुरक्षा में मदद करेगा। इससे पहले चार साल पहले Chevella-Manneguda रूट पर लगभग 900 बरगद के पेड़ों का geo-tagging किया गया था, जब स्थानीय लोगों ने सड़क विस्तार परियोजना में बाधा डालने वाले पेड़ों को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
FAQ
KBR National Park के आसपास कितने पेड़ों का geo-tagging किया गया?
Save KBR collective ने 672 पेड़ों का geo-tagging किया, जिनमें प्रत्येक को GPS कोऑर्डिनेट्स, प्रजाति और उम्र के साथ दर्ज किया गया।
यह geo-tagging क्यों किया गया?
सुप्रीम कोर्ट के 18 मई 2026 के स्टे आदेश के बाद, जिसमें KBR पार्क के 25-35 मीटर के दायरे में पेड़ काटने पर रोक लगाई गई, पेड़ों की सुरक्षा के लिए यह अभियान चलाया गया।
इससे पहले भी ऐसा कोई अभियान चला था?
हां, चार साल पहले Chevella-Manneguda रूट पर लगभग 900 बरगद के पेड़ों का geo-tagging किया गया था।
Source: www.thehindu.com