प्रमुख तथ्य
कर्नाटक में दलित संघर्ष समिति (DSS) ने कुवेम्पु विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) कल्याण कोष के कथित दुरुपयोग को लेकर सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। समिति का आरोप है कि स्मार्ट क्लासेज के लिए जारी 5 करोड़ रुपये में से 4.25 करोड़ रुपये का दुरुपयोग किया गया।
पूरा मामला
DSS के राज्य संयोजक एम. गुरुमूर्ति ने शिवमोग्गा में पत्रकार वार्ता में बताया कि 2021 में तत्कालीन कुलपति प्रो. बी.पी. वीरभद्रप्पा के अनुरोध पर राज्य सरकार ने स्मार्ट क्लासेज के लिए 5 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इसमें से 4.25 करोड़ रुपये विश्वविद्यालय को जारी कर दिए गए। बाद में कथित अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद प्रारंभिक जांच हुई।
जांच और कार्रवाई
समाज कल्याण विभाग ने पूर्व कुलपति वीरभद्रप्पा सहित पांच अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। राज्यपाल ने मामले की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को नियुक्त किया है। गुरुमूर्ति ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए और 4.25 करोड़ रुपये की वसूली की जाए।
प्रभाव और आगे की राह
यह मामला SC/ST कल्याण कोष के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठाता है। DSS का कहना है कि इस तरह के दुरुपयोग से समुदाय के कल्याण पर असर पड़ता है। सरकार से उम्मीद है कि वह जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रश्न: कुवेम्पु विश्वविद्यालय में SC/ST कोष दुरुपयोग का आरोप किसने लगाया है?
उत्तर: दलित संघर्ष समिति (DSS) के राज्य संयोजक एम. गुरुमूर्ति ने शिवमोग्गा में पत्रकार वार्ता में यह आरोप लगाया है। - प्रश्न: कितनी राशि के दुरुपयोग का आरोप है?
उत्तर: सरकार द्वारा स्मार्ट क्लास के लिए जारी 5 करोड़ रुपये में से 4.25 करोड़ रुपये के दुरुपयोग का आरोप है। - प्रश्न: इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
उत्तर: समाज कल्याण विभाग ने पांच अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और राज्यपाल ने एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को जांच के लिए नियुक्त किया है। - प्रश्न: DSS की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: DSS ने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने और 4.25 करोड़ रुपये की वसूली की मांग की है।