मुख्य तथ्य
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और विशेष जांच दल (SIT) को नोटिस जारी किया है। याचिका में SIT को धर्मस्थल मामले की जांच पूरी करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता चिन्ना सी.एन. उर्फ चिन्नैया ने दावा किया है कि धर्मस्थल मंदिर और उससे जुड़े प्रमुख व्यक्तियों के खिलाफ झूठा अभियान चलाने के लिए ₹200 करोड़ का बजट था।
याचिका का विवरण
न्यायमूर्ति सुरज गोविंदराज ने चिन्नैया की याचिका पर नोटिस जारी किया। चिन्नैया ने शुरू में आरोप लगाया था कि मंदिर से जुड़े लोगों ने यौन उत्पीड़ित महिलाओं के शवों को सामूहिक रूप से दफनाया। बाद में उन्होंने अपने आरोप वापस ले लिए और ट्रायल कोर्ट में कहा कि उनके बयान झूठे थे और उन्होंने 'कार्यकर्ताओं के एक समूह के निर्देश पर' ऐसा किया।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि कार्यकर्ताओं - गिरीश मट्टेन्नवर, महेश शेट्टी थिमरोडी, टी. जयंत, विट्टला गौड़ा, तीन यूट्यूबर्स और बेंगलुरु के वकीलों के एक समूह - ने चिन्नैया को पैसे का लालच दिया और बाद में उसे और उसकी पत्नी को जान से मारने की धमकी दी। चिन्नैया ने दावा किया कि कार्यकर्ताओं ने उसे बताया कि उन्हें केरल से फंड मिल रहे हैं और वे केरल में SIT गठित कराने की कोशिश कर रहे हैं।
याचिका में और क्या कहा गया?
चिन्नैया ने दावा किया कि कार्यकर्ता उसे नियमित अंतराल पर ₹2,000 से ₹5,000 दे रहे थे और उन्होंने डी. वीरेंद्र हेग्गड़े और अन्य के खिलाफ बयान देने के लिए कुल ₹50 लाख देने की पेशकश की। यह भी आरोप लगाया गया कि दक्षिण के एक प्रमुख अभिनेता ने मट्टेन्नवर के माध्यम से उससे फोन पर बात की और उसे कार्यकर्ताओं के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा।
चिन्नैया ने आरोप लगाया कि जब वह पुलिस को बयान देने में कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, तो उन्होंने उसे पीटा और गाली दी। उसने दावा किया कि SIT के सामने सच बोलने का फैसला करने से कुछ दिन पहले उसने शेट्टी के घर में आत्महत्या करने की कोशिश की।
मामले की पृष्ठभूमि
चिन्नैया, जो 2014 तक धर्मस्थल ग्राम पंचायत में सफाई कर्मचारी था, को शुरू में आरोपों की प्रकृति के कारण गवाह के रूप में गुमनामी दी गई थी। हालांकि, जब उसने दावा किया कि उसके आरोप झूठे थे और उसे 'ट्यूटर' किया गया था, तो SIT ने नवंबर 2025 में दाखिल प्रारंभिक आरोपपत्र में उसे आरोपी नंबर 1 बना दिया, जबकि मट्टेन्नवर, थिमरोडी, जयंत और गौड़ा को सह-आरोपी बनाया गया।
याचिका में कहा गया है कि चिन्नैया के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच में देरी और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला रिपोर्ट के अभाव में अंतिम जांच रिपोर्ट दाखिल नहीं हो पाई है।
FAQ
Chinna C.N alias Chinnaiah कौन हैं?
Chinna C.N alias Chinnaiah एक पूर्व सफाई कर्मचारी हैं जिन्होंने Dharmasthala मंदिर से जुड़े लोगों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, बाद में उन्होंने अपने बयान वापस ले लिए।
याचिका में क्या आरोप लगाए गए हैं?
याचिका में आरोप लगाया गया है कि कार्यकर्ताओं ने Chinnaiah को ₹50 लाख तक देने की पेशकश की और उन्हें धमकी दी कि वे D. Veerendra Heggade के खिलाफ झूठे बयान दें।
SIT ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
SIT ने नवंबर 2025 में प्रारंभिक आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें Chinnaiah को मुख्य आरोपी बनाया गया, लेकिन अंतिम जांच रिपोर्ट फोरेंसिक रिपोर्ट के अभाव में लंबित है।