Desh Duniya | कर्नाटक उच्च न्यायालय

कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने संविधान को जीवंत दस्तावेज बताया, कानूनी शिक्षा में सामाजिक चुनौतियों से जुड़ने पर जोर दिया

मुख्य तथ्य कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस. सुनील दत्त यादव ने शनिवार को हुबली में 12वीं राज्य-स्तरीय कन्नड़ मूट कोर्ट प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने संविधान को एक जीवंत दस्तावेज…

मुख्य तथ्य

कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस. सुनील दत्त यादव ने शनिवार को हुबली में 12वीं राज्य-स्तरीय कन्नड़ मूट कोर्ट प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने संविधान को एक जीवंत दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह नागरिकों, विशेषकर वंचितों और कमजोर वर्गों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करता है।

विस्तार

न्यायमूर्ति यादव ने जोर देकर कहा कि कानूनी शिक्षा को केवल कानूनों और नजीरों के अध्ययन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे समकालीन सामाजिक चुनौतियों से सार्थक रूप से जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा, "कानूनी शिक्षा को क़ानूनों और नजीरों के अध्ययन से आगे बढ़कर समकालीन सामाजिक चुनौतियों से सार्थक रूप से जुड़ना चाहिए।"

उन्होंने महत्वाकांक्षी वकीलों से आग्रह किया कि वे मतदाता पंजीकरण, प्रवासन, चुनावी रोल प्रबंधन और चुनावी प्रक्रिया में तकनीकी चुनौतियों जैसे मुद्दों की गंभीरता से जांच करें और प्रभावी कानूनी एवं संस्थागत समाधान विकसित करने में योगदान दें।

प्रभाव

न्यायमूर्ति यादव ने कानूनी पेशे के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून उच्च शिक्षा में सबसे अधिक मांग वाले विषयों में से एक बन गया है। उन्होंने छात्रों को पेशेवर ईमानदारी, बौद्धिक अनुशासन, नैतिक प्रतिबद्धता और ऐतिहासिक न्यायिक फैसलों का अध्ययन करने की आदत विकसित करने की सलाह दी।

कर्नाटक राज्य विधि विश्वविद्यालय (KSLU) के कुलपति सी. बसवराजू ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं सैद्धांतिक कानूनी शिक्षा और व्यावहारिक वकालत के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करती हैं। उन्होंने कहा, "मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं सैद्धांतिक कानूनी शिक्षा और व्यावहारिक वकालत के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु हैं।" ऐसे मंच छात्रों को सफल कानूनी करियर के लिए आवश्यक विश्लेषणात्मक, शोध और वकालत कौशल से लैस करते हैं।

उन्होंने बार के भावी सदस्यों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने और वंचितों के लिए कानूनी उपचारों तक सार्थक पहुंच सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

यह दो दिवसीय कार्यक्रम राज्य भर के महत्वाकांक्षी कानूनी पेशेवरों को एक मंच प्रदान करता है। न्यायमूर्ति यादव की टिप्पणियां संविधान की जीवंत प्रकृति और कानूनी शिक्षा में सामाजिक मुद्दों को शामिल करने की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मूट कोर्ट प्रतियोगिता क्या है?

मूट कोर्ट एक अनुकरणीय अदालती कार्यवाही है जहां कानून के छात्र वास्तविक मुकदमों की तरह बहस करते हैं, जिससे उन्हें व्यावहारिक कौशल मिलता है।

इस प्रतियोगिता का आयोजन किसने किया?

इस प्रतियोगिता का आयोजन कर्नाटक राज्य विधि विश्वविद्यालय (KSLU) ने किया।

स्रोत: www.thehindu.com

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