परियोजना का विवरण
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर में व्यास नदी पर एक महत्वाकांक्षी पुल परियोजना को जमीनी स्तर पर गति मिल गई है। 104 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 840 मीटर लंबा और 7.5 मीटर चौड़ा पुल 'रामसेतु' के नाम से जाना जाएगा। यह पुल फतेहपुर को पौंग बांध क्षेत्र से जोड़ेगा, जिससे स्थानीय निवासियों को बारहमासी और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
निर्माण की तैयारियां
पुल के मुख्य निर्माण कार्य से पहले पिछले दो महीनों से साइट पर व्यापक भू-तकनीकी जांच (जियो-टेक्निकल सर्वे) की जा रही है। इस जांच के तहत नदी के तल और दोनों किनारों की मिट्टी तथा चट्टानों की मजबूती का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि पुल की डिजाइन को अधिकतम सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सके। जांच पूरी होते ही निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।
क्षेत्र पर प्रभाव
इस पुल के बनने से फतेहपुर क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय और अन्य हिस्सों में जाने के लिए लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी। विशेष रूप से बरसात के मौसम में, जब नदी का जलस्तर बढ़ने से संपर्क पूरी तरह कट जाता था, अब आवागमन सुचारू रहेगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार से जुड़े लोगों को सीधा लाभ होगा। साथ ही, पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना की समयसीमा
पीडब्ल्यूडी उपमंडल फतेहपुर के एक्सईएन विनय कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए ढाई वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पुल फतेहपुर और पौंग बांध को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रामसेतु पुल कहां बन रहा है?
यह पुल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर में व्यास नदी पर बनाया जा रहा है।
पुल की लंबाई और चौड़ाई कितनी होगी?
पुल 840 मीटर लंबा और 7.5 मीटर चौड़ा होगा।
पुल बनने से क्या लाभ होगा?
इससे फतेहपुर और पौंग बांध क्षेत्र के बीच सालभर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा, बरसात में कटाव की समस्या खत्म होगी, और पर्यटन व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
पुल निर्माण की लागत कितनी है और कब तक पूरा होगा?
पुल की लागत 104 करोड़ रुपये है और इसे ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।