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कांगड़ा में फूड सेफ्टी वैन बेकार: 22 महीने बाद भी नहीं मिला स्टाफ

परिचय कांगड़ा जिले को खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए सितंबर 2024 में दो अत्याधुनिक फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स (मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब) मिली थीं, लेकिन 22 महीने बाद भी ये वैन बिना…

परिचय

कांगड़ा जिले को खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए सितंबर 2024 में दो अत्याधुनिक फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स (मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब) मिली थीं, लेकिन 22 महीने बाद भी ये वैन बिना ड्राइवर और तकनीकी स्टाफ के धर्मशाला अस्पताल परिसर में खड़ी हैं।

मुख्य तथ्य

  • दो फूड सेफ्टी वैन सितंबर 2024 में जिला कांगड़ा को प्रदान की गईं।
  • 22 महीने बीत जाने के बाद भी ड्राइवर और तकनीकी स्टाफ की तैनाती नहीं हुई।
  • लंबे समय तक खड़ी रहने से वैन की बैटरियां खराब हो गई हैं।
  • विभाग पहले से ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है।

विस्तृत जानकारी

इन मोबाइल लैब का उद्देश्य त्योहारी सीजन और अन्य अवसरों पर बाजारों में खाद्य पदार्थों के नमूनों की मौके पर जांच करना, मिलावट पर तत्काल कार्रवाई करना और लोगों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था। लेकिन ड्राइवर और आवश्यक स्टाफ न होने के कारण यह व्यवस्था धरातल पर उतरने से पहले ही ठप हो गई है।

वाहनों का उपयोग न होने से अब तकनीकी दिक्कतें भी सामने आने लगी हैं, जिससे इन्हें दोबारा चालू करने पर अतिरिक्त बजटीय खर्च आएगा। वर्तमान में विभाग पहले से ही स्टाफ और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है, जिससे नियमित निरीक्षण भी प्रभावित हो रहा है।

प्रभाव

इन वैन के निष्क्रिय रहने से जिले में खाद्य मिलावट की जांच प्रभावित हुई है। त्योहारी सीजन में विशेष रूप से जांच की आवश्यकता होती है, लेकिन अब यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके अलावा, बैटरियों के खराब होने से विभाग को अतिरिक्त मरम्मत खर्च वहन करना पड़ेगा।

अधिकारियों का बयान

खाद्य सुरक्षा विभाग की अतिरिक्त आयुक्त डॉ. सविता ठाकुर ने कहा, 'सरकार की ओर से जिला कांगड़ा को दो फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स वैन मिली हैं, लेकिन उनके लिए चालक और अन्य स्टाफ तैनात नहीं किया गया है। स्टाफ की तैनाती के बाद ही इन वाहनों का उपयोग जनहित में किया जा सकता है।'

FAQ

कांगड़ा को फूड सेफ्टी वैन कब मिली थीं?

सितंबर 2024 में जिला कांगड़ा को दो अत्याधुनिक फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स वैन मिली थीं।

ये वैन अब तक सड़क पर क्यों नहीं उतर सकीं?

इनमें ड्राइवर और तकनीकी स्टाफ की तैनाती नहीं हो पाई है, जिससे 22 महीने से ये खड़ी हैं।

इन वैन के खड़े रहने से क्या समस्या हो रही है?

लंबे समय तक उपयोग न होने से बैटरियां खराब हो गई हैं, जिससे इन्हें चालू करने पर अतिरिक्त खर्च आएगा।

विभाग ने इस बारे में क्या कहा है?

अतिरिक्त आयुक्त डॉ. सविता ठाकुर ने कहा कि स्टाफ की तैनाती के बाद ही इन वैन का उपयोग संभव है।

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