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कांगड़ा: सरकारी नर्सरियों में 60 हजार फलदार पौधे तैयार, 15 जुलाई से वितरण शुरू

मुख्य तथ्य हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में उद्यान विभाग ने मानसून सीजन के मद्देनजर सरकारी नर्सरियों में 60 हजार से अधिक फलदार पौधे तैयार किए हैं। ये पौधे किसानों और बागवानों को 15 जुलाई…

मुख्य तथ्य

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में उद्यान विभाग ने मानसून सीजन के मद्देनजर सरकारी नर्सरियों में 60 हजार से अधिक फलदार पौधे तैयार किए हैं। ये पौधे किसानों और बागवानों को 15 जुलाई 2026 से वितरित किए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य अनुकूल मौसम का लाभ उठाकर बागवानी को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

पौधों की विविधता और कीमत

नर्सरियों में आम, लीची, अमरूद, नींबू, माल्टा, किन्नू, आड़ू, प्लम, नाशपाती और अनार जैसी उन्नत प्रजातियों के उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार किए गए हैं। इन पौधों की कीमत 40 रुपये से लेकर 150 रुपये तक रखी गई है। बागवान अपनी आवश्यकता के अनुसार नजदीकी नर्सरी से पौधे खरीद सकते हैं।

नर्सरीवार पौधों की उपलब्धता

  • गुम्मर नर्सरी: 26,277 पौधे
  • इंदपुर नर्सरी: 15,270 पौधे
  • बड़ोह नर्सरी: 12,326 पौधे
  • जाच्छ नर्सरी: 6,994 पौधे

किसान अपने संबंधित ब्लॉकों में संपर्क कर पौधों के लिए ऑर्डर दे सकते हैं।

मानसून में रोपण के लाभ

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान मिट्टी में पर्याप्त नमी होने से पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक होती है। विभाग ने बागवानों को रोपण से पहले गड्ढों में जैविक खाद डालने और नियमित देखभाल की सलाह दी है।

विभागीय अधिकारी का बयान

उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. अलक्ष पठानिया ने कहा, "सरकारी नर्सरियों से प्रमाणित पौधे मिलने से बागवानी को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय बढ़ेगी। इच्छुक बागवान समय पर नर्सरियों से संपर्क कर पौधे प्राप्त करें। अधिक पौधरोपण से पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांगड़ा जिले में कितने फलदार पौधे तैयार किए गए हैं?

उद्यान विभाग ने कांगड़ा जिले की सरकारी नर्सरियों में 60 हजार से अधिक फलदार पौधे तैयार किए हैं।

पौधों का वितरण कब शुरू होगा?

पौधों का वितरण 15 जुलाई 2026 से शुरू होगा।

पौधों की कीमत क्या है?

पौधों की कीमत 40 रुपये से 150 रुपये तक निर्धारित की गई है।

किन-किन नर्सरियों में पौधे उपलब्ध हैं?

गुम्मर नर्सरी (26,277 पौधे), इंदपुर (15,270), बड़ोह (12,326) और जाच्छ नर्सरी (6,994) में पौधे उपलब्ध हैं।

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