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Tmc विद्रोही सांसद काकोली घोष के बेटे ने ममता बनर्जी और अन्य नेताओं को भेजा कानूनी नोटिस

प्रमुख तथ्य टीएमसी विद्रोही सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी और पार्टी के अन्य नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस बारासत विधानसभा सीट से टिकट मांगने के…

प्रमुख तथ्य

टीएमसी विद्रोही सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी और पार्टी के अन्य नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस बारासत विधानसभा सीट से टिकट मांगने के आरोपों से संबंधित है, जिन्हें बैद्यनाथ ने पूरी तरह झूठा बताया है।

विवरण

बैद्यनाथ घोष दस्तीदार, जो एक मनोचिकित्सक हैं, ने यह कानूनी नोटिस ममता बनर्जी, महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय और सोनाली गुहा को भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि इन नेताओं ने झूठा दावा किया कि बैद्यनाथ ने बारासत से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगा था।

बैद्यनाथ ने सोशल मीडिया पर महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाया कि वह झूठ बोल रही हैं। उन्होंने लिखा, "100% झूठ। असहमतियों को राजनीतिक रूप से लड़ा जाना चाहिए, न कि निजी व्यक्तियों और परिवार के सदस्यों को विवाद में घसीटकर। मैं अपने कानूनी अधिकार सुरक्षित रखता हूं।"

IPAC का आरोप

नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि टीएमसी से जुड़ी राजनीतिक सलाहकार फर्म IPAC के प्रतिनिधियों ने बैद्यनाथ से संपर्क किया था और उन्हें बारासत से चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया था। नोटिस के अनुसार, IPAC से जुड़े सोहम पाल ने व्हाट्सएप के माध्यम से कई बार बैद्यनाथ से संपर्क किया।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

नोटिस में 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है, जिसमें सभी झूठे बयानों को वापस लेने और सार्वजनिक माफी मांगने को कहा गया है। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो बैद्यनाथ सिविल, आपराधिक और अन्य कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।

टीएमसी का आंतरिक संकट

यह कानूनी नोटिस टीएमसी में चल रहे आंतरिक संकट के बीच आया है, जहां काकोली घोष दस्तीदार संसद में पार्टी के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व कर रही हैं। अब तक ममता बनर्जी और अन्य नेताओं ने इस नोटिस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बैद्यनाथ घोष दस्तीदार कौन हैं?

बैद्यनाथ घोष दस्तीदार टीएमसी विद्रोही सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे हैं और एक मनोचिकित्सक हैं, जिन्होंने हार्वर्ड और एनएचएस में प्रशिक्षण लिया है।

कानूनी नोटिस में क्या मांग की गई है?

नोटिस में 15 दिनों के भीतर सभी झूठे और मानहानिकारक बयानों को वापस लेने और सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है।

इस नोटिस का टीएमसी पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

यह नोटिस टीएमसी के आंतरिक संकट को और गहरा कर सकता है, क्योंकि काकोली घोष पहले ही पार्टी के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व कर रही हैं।

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