Himachal | Himachal News Today

जोगिंद्रनगर अस्पताल के एमसीएच और आईसीटीसी लैब भवनों में दरारें, मरीजों की सुरक्षा पर संकट

मुख्य तथ्य जोगिंद्रनगर (मंडी) के नागरिक अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) और आईसीटीसी लैब के भवनों की हालत बेहद खराब हो गई है। दीवारों में दरारें पड़ने और छत से प्लास्टर गिरने से…

मुख्य तथ्य

जोगिंद्रनगर (मंडी) के नागरिक अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) और आईसीटीसी लैब के भवनों की हालत बेहद खराब हो गई है। दीवारों में दरारें पड़ने और छत से प्लास्टर गिरने से मरीजों, नवजात शिशुओं और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मानसून के दौरान रिसाव बढ़ने से किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।

भवनों की स्थिति और खतरे

ये दोनों भवन करीब 50 साल पुराने हैं। एमसीएच भवन की छत से प्लास्टर के टुकड़े गिर रहे हैं, जबकि आईसीटीसी लैब की दीवारों में दरारें साफ देखी जा सकती हैं। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ माह पहले भी एक घटना में प्लास्टर गिरने से मरीज और तीमारदार बाल-बाल बचे थे। इसके बाद रोगी कल्याण समिति ने मरम्मत के लिए एक समिति गठित की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

मरीजों और तीमारदारों की चिंता

अस्पताल में इलाज कराने आए तीमारदार विनय, कविता, सुरेश और अजय ने कहा, "इन भवनों में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।" उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। मरीजों को डर है कि कहीं छत या दीवार का कोई हिस्सा गिरकर उन्हें नुकसान न पहुंचा दे।

प्रशासन की कार्रवाई

एसडीएम एवं रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष मनीष चौधरी ने बताया कि जोगिंद्रनगर उपमंडल के सभी विभागों से असुरक्षित भवनों की जानकारी मांगी गई है। उन्होंने कहा, "मानसून के दौरान किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। अस्पताल प्रशासन से भी रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।"

क्या है आगे की राह?

फिलहाल अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन के बीच समन्वय बैठकों का दौर जारी है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही भवनों की मरम्मत या स्थानांतरण की योजना पर काम शुरू होगा। तब तक मरीजों और कर्मचारियों को खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

जोगिंद्रनगर अस्पताल के किन भवनों में दरारें पाई गई हैं?

नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर के एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड हेल्थ) भवन और आईसीटीसी लैब भवन की दीवारों में दरारें पाई गई हैं।

इन भवनों की वर्तमान स्थिति क्या है?

दोनों भवन करीब 50 साल पुराने हैं। दीवारों में दरारें हैं, बारिश में छत से पानी टपकता है और प्लास्टर गिरता है, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।

प्रशासन ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?

एसडीएम मनीष चौधरी ने सभी विभागों से असुरक्षित भवनों की जानकारी मांगी है और अस्पताल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

मरीजों और तीमारदारों ने क्या मांग की है?

मरीजों और तीमारदारों ने प्रशासन से भवनों की जल्द मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।

Follow us on Google News

Explore more

Mandi News: 1.875 kg Charas Ke Saath Teen Aropi Girftaar

Key Facts In a major crackdown on drug trafficking, Karsog police in Mandi district arrested three individuals and seized 1.875 kilograms of…

More on Himachal from Himachal Pradesh

हमीरपुर: मोटर फुंकने से पेयजल संकट, हैंडपंप का सहारा

पौथिया में पेयजल संकट हमीरपुर जिले के पौथिया गांव में बुधवार रात नलकूप की मोटर फुंक जाने से पेयजल आपूर्ति ठप हो…

कुल्लू कालेज में एनएसयूआई ने नए छात्रों का किया स्वागत, संगठनात्मक गतिविधियों पर हुई चर्चा

कार्यक्रम का आयोजन और उद्देश्य राजकीय महाविद्यालय कुल्लू में गुरुवार को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत एनएसयूआई की पहली बैठक आयोजित…

कुल्लू: 35 विद्यार्थियों ने 14,100 फीट ऊंची भृगु झील की ट्रैकिंग की

मुख्य तथ्य हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित भृगु झील, जो समुद्र तल से लगभग 4,300 मीटर (14,100 फीट) की ऊंचाई…