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झारखंड में बिजली वितरण कंपनियों का कर्ज 1.5 लाख करोड़ पार, सुधार की दरकार

मुख्य तथ्य झारखंड की बिजली वितरण कंपनियों (DISCOM) का कुल कर्ज 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। यह आंकड़ा राज्य की बिजली व्यवस्था में गंभीर वित्तीय संकट को दर्शाता है। विशेषज्ञों के…

मुख्य तथ्य

झारखंड की बिजली वितरण कंपनियों (DISCOM) का कुल कर्ज 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। यह आंकड़ा राज्य की बिजली व्यवस्था में गंभीर वित्तीय संकट को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली चोरी, सिस्टम लॉस और सब्सिडी के बोझ ने इस स्थिति को जन्म दिया है।

विस्तार से जानकारी

झारखंड में बिजली वितरण का काम मुख्य रूप से दो DISCOM - झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) और अन्य क्षेत्रीय कंपनियां करती हैं। इन कंपनियों का कर्ज लगातार बढ़ रहा है, जिससे बिजली आपूर्ति और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

कर्ज बढ़ने के कारण

  • बिजली चोरी: राज्य में बिजली चोरी की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, जिससे DISCOM को भारी नुकसान होता है।
  • सिस्टम लॉस: ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन में होने वाला नुकसान (AT&C लॉस) 30% से अधिक है।
  • सब्सिडी का बोझ: सरकार द्वारा किसानों और अन्य वर्गों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी का भुगतान समय पर नहीं होता, जिससे DISCOM पर वित्तीय दबाव बढ़ता है।
  • टैरिफ में वृद्धि न होना: राजनीतिक कारणों से बिजली दरों में आवश्यक वृद्धि नहीं की जाती, जिससे राजस्व अपर्याप्त रहता है।

प्रभाव

DISCOM के बढ़ते कर्ज का सीधा असर बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता पर पड़ता है। बार-बार लोडशेडिंग, वोल्टेज की समस्या और नए कनेक्शनों में देरी आम हो गई है। इसके अलावा, DISCOM को बिजली उत्पादक कंपनियों को भुगतान करने में कठिनाई होती है, जिससे बिजली खरीद प्रभावित होती है।

सुधार के उपाय

केंद्र सरकार की उज्ज्वल DISCOM सहायता योजना (UDAY) के तहत कर्ज को पुनर्गठित करने का प्रयास किया गया, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि निम्नलिखित कदम उठाए जाने चाहिए:

  • स्मार्ट मीटर लगाकर बिजली चोरी पर नियंत्रण
  • AT&C लॉस को कम करने के लिए तकनीकी सुधार
  • सब्सिडी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना
  • टैरिफ में नियमित संशोधन

FAQ

झारखंड की बिजली वितरण कंपनियों पर कितना कर्ज है?

वर्तमान में झारखंड की बिजली वितरण कंपनियों (DISCOM) का कुल कर्ज 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

DISCOM के कर्ज का मुख्य कारण क्या है?

मुख्य कारणों में बिजली चोरी, सिस्टम लॉस, सब्सिडी का बोझ और टैरिफ में वृद्धि न होना शामिल है।

क्या सरकार इस कर्ज को कम करने के लिए कोई कदम उठा रही है?

हां, केंद्र और राज्य सरकारें DISCOM के पुनरुद्धार के लिए योजनाएं बना रही हैं, जिसमें स्मार्ट मीटर लगाना और बिजली चोरी पर नियंत्रण शामिल है।

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