मुख्य तथ्य
उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) जल्द ही चालू होने वाला है। यह हवाई अड्डा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ और आगरा जैसे शहरों के लिए यात्रा का पसंदीदा साधन बन सकता है। इसकी लोकेशन यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के करीब है। साथ ही गाजियाबाद से जेवर तक हाई-स्पीड मेट्रो कॉरिडोर भी प्रस्तावित है।
यात्रियों की बंटी राय
हालांकि, कई बार उड़ान भरने वाले यात्रियों की राय इस नए हवाई अड्डे को लेकर बंटी हुई है। कुछ को सुरक्षा और परिवहन की चिंता है, जबकि अन्य को यात्रा समय में कमी और व्यापार में तेजी की उम्मीद है।
सुरक्षा और सुविधा को लेकर आशंका
अलवर की रहने वाली आद्या गोयल का कहना है कि वह आईजीआई एयरपोर्ट को ही प्राथमिकता देंगी। उनके अनुसार, “आईजीआई में बेहतर सार्वजनिक परिवहन और सुरक्षा है। एक महिला के लिए पहुंचना आसान है। जब तक जेवर में टिकट 20% सस्ते न हों, मैं वहां नहीं जाऊंगी।”
वृंदावन की 24 वर्षीय हर्षिता वर्मा को लगता है कि समय के साथ नया हवाई अड्डा भी उतना ही अच्छा हो जाएगा, लेकिन उन्हें पर्यटकों की बढ़ती भीड़ की चिंता है। वह कहती हैं, “वृंदावन में पहले से ही बहुत भीड़ है। हवाई अड्डा चालू होने से पर्यटकों की संख्या और बढ़ जाएगी।”
यात्रा समय में कमी और व्यापार को बढ़ावा
फिरोजाबाद में सोलर कंपनी चलाने वाले हर्ष बंसल का मानना है कि नया हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापार को बढ़ावा देगा। वह कहते हैं, “पर्यटन स्थल और सांस्कृतिक केंद्र अधिक सुलभ हो जाएंगे।”
अलीगढ़ की रहने वाली और अमेरिका में पढ़ाई कर रही अनुशा आरिफ को उम्मीद है कि सीधी उड़ानें शुरू होने पर उनका यात्रा समय तीन घंटे तक कम हो जाएगा। हालांकि, शुरुआत में कनेक्टिंग उड़ानों में उतना ही समय लगेगा जितना आईजीआई जाने में लगता है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की उद्यमी ओइंद्रिला चौधरी के लिए दोनों हवाई अड्डे समान दूरी पर हैं, लेकिन जेवर जाने में दिल्ली के ट्रैफिक से बचाव होगा। वह कहती हैं, “मैं एक घंटे में जेवर पहुंच सकती हूं, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट जाने में डेढ़ से ढाई घंटे लगते हैं।”
परिवहन और बुनियादी ढांचे की चुनौतियां
आरटीओ के एक अधिकारी के अनुसार, नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बस नेटवर्क की योजना बनाई है। इसमें अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा से बसें चलाने का प्रस्ताव है। एसी बसें भी चलाई जाएंगी। यह रिपोर्ट मंजूरी के लिए लखनऊ भेजी गई है और इस महीने के अंत तक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, जेवर के आसपास के लोगों को इन वादों पर भरोसा नहीं है। किशोरपुर गांव में सड़कें टूटी हुई हैं और हवा में धूल है। एक बुजुर्ग महिला ने बताया, “यहां सिर्फ एक-दो बसें आती हैं, वो भी जब ड्राइवर का मन करे। हमें यमुना एक्सप्रेसवे पर रस्सियों के सहारे चढ़ना पड़ता है।”
पास में नाश्ते की दुकान चलाने वाले मुकेश का कहना है कि निकटतम रेलवे स्टेशन पलवल (30 किमी) और खुर्जा (33 किमी) हैं। “अगर बस पकड़नी है तो पूरा दिन इंतजार करना पड़ता है।”
यात्रियों को क्या जानना चाहिए
- जेवर हवाई अड्डा यमुना एक्सप्रेसवे के पास स्थित है, जो ग्रेटर नोएडा से आगरा तक जाता है।
- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी कनेक्टिविटी होगी।
- गाजियाबाद से जेवर तक हाई-स्पीड मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित है।
- आरटीओ ने बस नेटवर्क की योजना बनाई है, जिसमें कई शहरों से बसें चलेंगी।
- फिलहाल सार्वजनिक परिवहन की कमी है, लेकिन सरकार इसे सुधारने का प्रयास कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जेवर हवाई अड्डा कब तक चालू हो जाएगा?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर अगले कुछ महीनों में चालू होने की संभावना है।
जेवर हवाई अड्डा किन शहरों के लिए फायदेमंद होगा?
यह नोएडा, ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ और आगरा जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए लाभदायक होगा।
जेवर हवाई अड्डे पर सुरक्षा को लेकर क्या चिंताएं हैं?
कुछ यात्रियों को सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की कमी की चिंता है, जबकि दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर 24x7 सुरक्षा रहती है।
जेवर हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए क्या परिवहन सुविधाएं होंगी?
आरटीओ ने बस नेटवर्क की योजना बनाई है, जिसमें अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा से बसें चलेंगी। साथ ही हाई-स्पीड मेट्रो कॉरिडोर भी प्रस्तावित है।
स्रोत: www.thehindu.com