मुख्य तथ्य
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को फिनलैंड में आयोजित कुल्तारंता वार्ता के 14वें संस्करण में भारत की रूसी तेल खरीद पर पश्चिमी आलोचना का करारा जवाब दिया। उन्होंने यूरोप की नैतिक विसंगतियों को उजागर करते हुए कहा कि भारतीय हथियारों ने कभी यूरोप को नुकसान नहीं पहुंचाया, जबकि यूरोपीय हथियार भारत के खिलाफ इस्तेमाल होते हैं।
जयशंकर का बयान
एक पत्रकार के सवाल पर जयशंकर ने दो टिप्पणियां कीं। पहली, उन्होंने कहा, "मैं लागत और उपलब्धता के आधार पर तेल खरीदता हूं। उस समय बाजार में ज्यादातर तेल रूसी था क्योंकि यूरोपीय मध्य पूर्व से तेल खरीद रहे थे, जो हमारा पारंपरिक आपूर्तिकर्ता है। परिस्थितियों ने हमें एक निश्चित दिशा में धकेल दिया।"
दूसरी टिप्पणी में उन्होंने कहा, "किसी भी यूरोपीय देश पर भारतीय हथियारों से हमला नहीं हुआ है। काश मैं यूरोपीय हथियारों के बारे में भारत के संदर्भ में यह कह पाता।" उन्होंने आगे कहा, "यूरोप ऐसे हथियार बेचता है जो भारत पर हमला करने में इस्तेमाल होते हैं। न सिर्फ अब, बल्कि कई वर्षों से। हम भारतीयों ने कभी यूरोप को खतरे में नहीं डाला। मुझे लगता है कि यह एक उचित बिंदु है।"
अमेरिका का रुख
जयशंकर ने 2022 की घटनाओं को याद करते हुए बताया कि अमेरिका ने भी भारत से रूसी कच्चा तेल खरीदने को कहा था ताकि वैश्विक तेल बाजार स्थिर रहे और मुद्रास्फीति पर नियंत्रण रहे। उन्होंने कहा, "उस समय अमेरिका ने सीधे तौर पर भारत से तेल बाजार को स्थिर करने के लिए रूसी तेल खरीदने को कहा था। हम लागत और उपलब्धता के आधार पर तेल खरीदते हैं।"
नैतिकता पर सवाल
मंत्री ने वैश्विक व्यापार और प्रतिबंध नीति में नैतिक मानकों के चयनात्मक उपयोग पर भी सवाल उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि ऊर्जा सुरक्षा जैसे जटिल मुद्दों को संकीर्ण दृष्टिकोण से नहीं देखा जा सकता।
प्रभाव
जयशंकर के इस बयान ने भारत की विदेश नीति की स्वतंत्रता को रेखांकित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वैश्विक दबाव कुछ भी हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जयशंकर ने रूसी तेल खरीद पर क्या तर्क दिया?
उन्होंने कहा कि भारत लागत और उपलब्धता के आधार पर तेल खरीदता है, और यूरोप के पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं से तेल खरीदने के कारण भारत को रूसी तेल लेना पड़ा।
जयशंकर ने यूरोप पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने कहा कि यूरोपीय देश भारत के खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि भारतीय हथियारों ने कभी यूरोप को नुकसान नहीं पहुंचाया।
अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर क्या रुख अपनाया?
जयशंकर ने बताया कि 2022 में अमेरिका ने ही भारत से तेल बाजार को स्थिर करने के लिए रूसी कच्चा तेल खरीदने को कहा था।
स्रोत: www.hindustantimes.com