प्रमुख तथ्य
जयपुर के एक सरकारी अस्पताल में 25 वर्षीय अनुबंधित नर्स दीपक खरवाल की कथित आत्महत्या के बाद राजस्थान में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। नर्सिंग स्टाफ ने कई शहरों में प्रदर्शन किए और स्वास्थ्य सुविधाओं में काम का बहिष्कार किया। यह घटना 12-13 जून, 2026 के सप्ताहांत में हुई।
घटना का विवरण
दीपक खरवाल, जो दौसा जिले के लावण गांव के निवासी थे, ने कथित तौर पर नौकरी खोने के बाद अवसाद में आत्महत्या कर ली। वह जयपुर के सवाई मान सिंह सरकारी मेडिकल कॉलेज से जुड़े महिला चिकित्सालय के आईसीयू में कार्यरत थे। राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों में निजी प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत लगभग 6,500 अनुबंधित नर्सिंग कर्मियों को हटाने का निर्णय लिया था।
प्रदर्शन और मांगें
प्रदर्शनकारी नर्सों ने मांग की कि मौजूदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए या नर्सिंग अधिकारियों के 3,000 पदों की चल रही भर्ती में शामिल किया जाए। उन्होंने दीपक के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और एक घर आवंटित करने की भी मांग की। शुक्रवार रात सवाई मान सिंह अस्पताल में प्रदर्शन के दौरान तनाव बढ़ गया, जहां नर्सिंग संघों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
सरकारी प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने दीपक की विधवा को एक मेडिकल कॉलेज में अनुबंधित नौकरी देने पर सहमति जताई। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने परिवार को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। वार्ता में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बी.एल. गोयल और एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल दीपक महेश्वरी भी शामिल थे।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि दीपक की मौत को रोका जा सकता था यदि सरकार अनुबंधित कर्मचारियों के प्रति अधिक संवेदनशीलता दिखाती। उनके पूर्व सहयोगी प्रताप सिंह खाचरियावास ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
पीड़ित परिवार की स्थिति
दीपक लगभग 310 अनुबंधित कर्मचारियों में से एक थे, जिनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। वह अपने पीछे दो माह की गर्भवती पत्नी और तीन वर्षीय बेटा छोड़ गए हैं। परिवार के अनुसार, वह घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दीपक खरवाल कौन थे?
दीपक खरवाल जयपुर के महिला चिकित्सालय में आईसीयू में अनुबंधित नर्स थे, जिनकी सेवा समाप्त होने के बाद आत्महत्या कर ली।
प्रदर्शनकारी नर्सों की मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारी नर्सें मौजूदा अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित करने या चल रही भर्ती में शामिल करने, 1 करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार को आवास आवंटित करने की मांग कर रही हैं।
सरकार ने इस घटना पर क्या कदम उठाया?
राज्य सरकार ने दीपक की विधवा को एक मेडिकल कॉलेज में अनुबंधित नौकरी देने पर सहमति जताई है।