जयपुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके पर हमला
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर सोमवार को जयपुर के शहीद स्मारक में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हमला किया गया। वे परीक्षा पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन का नेतृत्व करने पहुंचे थे। दो व्यक्तियों ने उन पर हमला कर उन्हें थप्पड़ मारे, जिसके बाद दीपके के समर्थकों ने पलटवार कर हमलावरों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
दीपके का बयान: 'हाथ नहीं उठाऊंगा, कायर ही हिंसा करते हैं'
हमले के बाद दीपके ने कहा, "मैं प्रदर्शन स्थल में प्रवेश करते समय हमले का शिकार हुआ। चाहे कितने भी हमले हों, मैं किसी पर हाथ नहीं उठाऊंगा। कायर ही हिंसा का सहारा लेते हैं।" उन्होंने आलोचकों को संबोधित करते हुए कहा, "आप मुझे पाकिस्तानी कहते हैं, यहां जुटे लोगों को पाकिस्तानी कहते हैं, और सवाल पूछने वाले पत्रकारों को भी पाकिस्तानी कहते हैं। लेकिन हम ऐसी हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं। हम युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे।"
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी
दीपके ने स्पष्ट किया कि हमला उनके मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा, "हमारी एकमात्र मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए... छात्रों के साथ हुए अन्याय और उनकी आत्महत्याओं के लिए। भले ही आप दस बार हमला करें या थप्पड़ मारें, हम फिर भी कहेंगे कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। विचलित न हों।"
CJP नेताओं ने प्रशासन पर उठाए सवाल
CJP के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा, "जिस तरह से यह हमला हुआ, उससे पुलिस और सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठते हैं।" पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रंका ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने प्रदर्शन के लिए दोपहर 3 बजे का समय दिया था, संभवतः गर्मी के कारण भीड़ कम रखने के लिए, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि वे रुकेंगे नहीं।
प्रदर्शन में शामिल परिवारों की दर्दनाक कहानियां
प्रदर्शन में सीकर के एक छात्र का परिवार भी शामिल हुआ, जिसने NEET पेपर लीक से जुड़े मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली थी। परिवार के सदस्य उसकी अस्थियां लेकर आए और कहा कि वे चाहते हैं कि किसी और छात्र को ऐसा न सहना पड़े। इसके अलावा, नौ वर्षीय अमायरा का परिवार भी प्रदर्शन में शामिल हुआ, जिसने पिछले साल जयपुर के एक निजी स्कूल की इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। हनुमानगढ़ से अन्नू सिहाग अपनी तीन वर्षीय बेटी के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने कहा, "मैं यहां इसलिए आई हूं क्योंकि जब कुछ गलत हो रहा है तो मैं चुप नहीं रहना चाहती। छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।"
आगे की रणनीति
दीपके ने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों और मंत्री के बीच चुनाव करना होगा। उन्होंने झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने और राजस्थान के एक मंत्री द्वारा पेपर लीक को कम करके आंकने के प्रयासों की भी आलोचना की। CJP ने चेतावनी दी है कि वे अपना आंदोलन तेज करेंगे और 20 जून को दिल्ली में एक बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
FAQ
अभिजीत दीपके पर हमला कहां और कब हुआ?
यह घटना 15 जून 2026 को जयपुर के शहीद स्मारक पर हुई, जहां वे एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने पहुंचे थे।
अभिजीत दीपके की मुख्य मांग क्या है?
उनकी मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है, जो NEET पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराए जाते हैं।
हमले के बाद दीपके ने क्या प्रतिक्रिया दी?
दीपके ने कहा कि वे हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं देंगे और कायर ही हिंसा का सहारा लेते हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से ध्यान भटकाने वाली घटनाओं से बचने का आग्रह किया।
प्रदर्शन में किन परिवारों ने भाग लिया?
सीकर के एक छात्र का परिवार जिसने NEET पेपर लीक के कारण आत्महत्या कर ली थी, और नौ वर्षीय अमायरा का परिवार जिसने स्कूल की इमारत से कूदकर जान दी थी, ने प्रदर्शन में भाग लिया।
Source: www.hindustantimes.com