मुख्य तथ्य
लाहौल-स्पीति जिले के उदयपुर क्षेत्र में जाहलमा नाले पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को उपायुक्त किरण भड़ाना ने पुल स्थल का निरीक्षण किया और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों को काम की गति बढ़ाने के लिए कहा।
निरीक्षण के दौरान दिए निर्देश
उपायुक्त ने बीआरओ के ओसी मेजर पारस कोचर के साथ पुल का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया कि परियोजना को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द सुविधा मिल सके। जिला प्रशासन इस महत्वपूर्ण परियोजना की नियमित निगरानी कर रहा है।
किसानों को होगा लाभ
उपायुक्त ने बताया कि इन दिनों लाहौल घाटी में मटर, गोभी सहित अन्य कृषि एवं बागवानी फसलों की कटाई और विपणन का महत्वपूर्ण समय है। ऐसे में किसानों की उपज को समय पर मंडियों और बाजारों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। पुल बनने के बाद क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं सुगम संपर्क सुविधा मिलेगी।
वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही जारी
फिलहाल जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने वैकल्पिक मार्ग तैयार किया है, जिससे लोगों की आवाजाही सुचारु है। मटर, आलू, सब्जियों सहित अन्य कृषि उपज का परिवहन भी इसी मार्ग से किया जा रहा है। हालांकि, स्थायी समाधान के लिए जाहलमा नाले पर पुल का शीघ्र निर्माण आवश्यक है।
परियोजना का महत्व
यह पुल न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में आसानी होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जिला प्रशासन ने समय पर पूरा करने का भरोसा दिलाया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जाहलमा पुल कहाँ बन रहा है?
यह पुल लाहौल-स्पीति जिले के उदयपुर क्षेत्र में जाहलमा नाले पर बन रहा है।
पुल निर्माण से किसे लाभ होगा?
इस पुल से स्थानीय किसानों और ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी, साथ ही कृषि उपज का समय पर परिवहन संभव हो सकेगा।
पुल निर्माण की निगरानी कौन कर रहा है?
लाहौल-स्पीति जिला प्रशासन और बीआरओ मिलकर इस परियोजना की नियमित निगरानी कर रहे हैं।