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Iti प्रबंधन विवाद में हत्या: बापटला जिले में चाकूबाजी, एक की मौत, एक गंभीर

प्रमुख तथ्य आंध्र प्रदेश के बापटला जिले में एक निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) के प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया। चिराला मंडल के एपुरुपालेम…

प्रमुख तथ्य

आंध्र प्रदेश के बापटला जिले में एक निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) के प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया। चिराला मंडल के एपुरुपालेम गांव में हुई चाकूबाजी की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना का विवरण

बापटला जिले के पुलिस अधीक्षक बी. उमामहेश्वर राव के अनुसार, यह हमला श्री कोम्मनाबोइना ब्रह्मनायडु मेमोरियल आईटीआई में हुआ। संस्थान के सामान्य निकाय के सदस्य 63 वर्षीय कुक्का बीरैया ने शिकायत दर्ज कराई कि 2011 में स्थापित इस आईटीआई का पूर्व प्रधानाचार्य स्कंद अब्दुल सत्तार था, जो प्रबंधन समिति का भी सदस्य था।

प्रशासन को लेकर विवाद के चलते अब्दुल सत्तार ने कुछ सामान्य निकाय सदस्यों के खिलाफ सिविल मुकदमा दायर किया था, जिसे 2019 में ओंगोल की सिविल कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद एक नया सामान्य निकाय गठित किया गया और दिसंबर 2025 में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में अब्दुल सत्तार को प्रधानाचार्य पद से निलंबित कर दिया गया। बाद में कटकम वेंकट पूर्ण शेषैया को प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया।

शुक्रवार को सामान्य निकाय सदस्य स्कंद हुसैन और प्रधानाचार्य शेषैया संस्थान पहुंचे, जहां उन्होंने अब्दुल सत्तार को प्रधानाचार्य की कुर्सी पर बैठा पाया। संस्थान के प्रशासन और वित्तीय रिकॉर्ड को लेकर बहस छिड़ गई।

इस दौरान अब्दुल सत्तार ने कथित तौर पर शेषैया के पेट में चाकू मार दिया। जब हुसैन ने हस्तक्षेप करने का प्रयास किया, तो अब्दुल सत्तार के बेटे स्कंद जिलानी ने उन्हें रोका और आरोपी ने हुसैन की छाती और पेट में चाकू घोंप दिया।

पीड़ितों की स्थिति

दोनों घायलों को चिराला के क्षेत्रीय अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान हुसैन ने दम तोड़ दिया, जबकि शेषैया को एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने चिराला ग्रामीण थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 109(1) के तहत मामला दर्ज किया। अब्दुल सत्तार और जिलानी दोनों को हिरासत में ले लिया गया है और जांच जारी है।

प्रभाव और सबक

यह घटना संस्थानों के प्रबंधन विवादों को समय पर सुलझाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। लंबित मुकदमेबाजी और निलंबन जैसी कार्रवाइयां तनाव को बढ़ा सकती हैं। स्थानीय प्रशासन को ऐसे विवादों में मध्यस्थता के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

यह घटना कहां हुई?

यह घटना आंध्र प्रदेश के बापटला जिले के चिराला मंडल के एपुरुपालेम गांव में स्थित श्री कोम्मनाबोइना ब्रह्मनायडु मेमोरियल आईटीआई में हुई।

हमले में कितने लोग हताहत हुए?

हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान स्कंद हुसैन और घायल की पहचान कटकम वेंकट पूर्ण शेषैया के रूप में हुई है।

आरोपी कौन हैं?

आरोपी स्कंद अब्दुल सत्तार और उनके बेटे स्कंद जिलानी हैं। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

हमले के पीछे क्या कारण था?

हमले का कारण आईटीआई के प्रबंधन और प्रशासन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद था, जो अदालत में भी विचाराधीन था।

स्रोत: www.thehindu.com

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