मुख्य तथ्य
लखनऊ में एक 38 वर्षीय व्यक्ति को आईपीएस अधिकारी बनकर पुलिसकर्मियों को डांटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मिथिलेश शुक्ला ने खुद को 'नोएडा का आईएएस अधिकारी' बताया और पुलिस को सलाम न करने पर फटकार लगाई।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, 13 जून की रात को गोल मार्केट क्रॉसिंग के पास एक चाय की दुकान पर भुगतान को लेकर विवाद की सूचना मिली। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो शुक्ला दुकानदार से बहस कर रहे थे। पुलिस ने जब उनकी पहचान पूछी, तो उन्होंने खुद को 'नोएडा का आईएएस अधिकारी' बताया और पुलिसकर्मियों को टोपी न पहनने और सलाम न करने पर डांटा। जब पहचान पत्र मांगा गया, तो वे मौके से चले गए। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
गिरफ्तारी और पूछताछ
15 जून को फिर से उसी व्यक्ति के एक चाय स्टॉल पर हंगामा करने की शिकायत मिली, जिसके बाद उसे पुलिस स्टेशन लाया गया। पूछताछ में शुक्ला ने स्वीकार किया कि वह आईएएस अधिकारी नहीं है, बल्कि नोएडा के सेक्टर 18 में एक कंपनी में अकाउंट एक्जीक्यूटिव है। उसे महानगर थाने में सार्वजनिक सेवक का रूप धारण करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
इसी तरह की अन्य घटना
इससे पहले, उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 21 वर्षीय आर्यन वर्मा को ब्रिगेडियर बनकर धोखाधड़ी करने के आरोप में सेना ने हिरासत में लिया था। वर्मा ने दो बाउंसरों को एनएसजी कमांडो बताकर घुमाया था।
FAQ
आरोपी ने किस अधिकारी का रूप धारण किया था?
आरोपी ने आईपीएस अधिकारी होने का दावा किया था।
आरोपी को कैसे पकड़ा गया?
दूसरी शिकायत के बाद पूछताछ में उसने झूठ स्वीकार कर लिया।
आरोपी की असली पहचान क्या है?
वह नोएडा के सेक्टर 18 में एक कंपनी में अकाउंट एक्जीक्यूटिव है।