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प्रख्यात लेखिका, प्रकाशक और उद्यमी इंदिरा लंकेश का 83 वर्ष की आयु में निधन

प्रमुख तथ्य प्रख्यात कन्नड़ लेखिका, प्रकाशक और उद्यमी इंदिरा लंकेश का 83 वर्ष की आयु में बेंगलुरु में निधन हो गया। वह पत्रकार गौरी लंकेश की मां थीं, जिनकी 2017 में हत्या कर दी गई…

प्रमुख तथ्य

प्रख्यात कन्नड़ लेखिका, प्रकाशक और उद्यमी इंदिरा लंकेश का 83 वर्ष की आयु में बेंगलुरु में निधन हो गया। वह पत्रकार गौरी लंकेश की मां थीं, जिनकी 2017 में हत्या कर दी गई थी। उनके निधन से कर्नाटक के साहित्य और मीडिया जगत में शोक की लहर है।

विस्तृत जानकारी

इंदिरा लंकेश का जन्म 2 जून 1943 को शिवमोग्गा में हुआ था। उन्होंने 1960 में लेखक और पत्रकार पी. लंकेश से विवाह किया। बाद में परिवार बेंगलुरु में बस गया। जब पी. लंकेश ने विश्वविद्यालय की नौकरी छोड़कर फिल्म और रंगमंच में कदम रखा, तो आर्थिक तंगी के दौर में इंदिरा ने घर से साड़ियाँ बेचना शुरू किया। 1979 में उन्होंने गांधी बाजार में 'मयूर सिल्क्स एंड टेक्सटाइल्स' खोला, जो परिवार की आय का मुख्य स्रोत बना।

1980 में पी. लंकेश ने 'लंकेश पत्रिके' नामक कन्नड़ टैब्लॉइड की शुरुआत की। इंदिरा इसके प्रशासन और प्रकाशन में गहराई से शामिल रहीं। वे स्वयं भी लेखन करती रहीं। उनकी आत्मकथा 'हुलिमावु मत्तु नानू' (हुलिमाविना मारा के जवाब में) को कन्नड़ में महिलाओं द्वारा लिखी गई उत्कृष्ट आत्मकथाओं में गिना जाता है।

प्रभाव और श्रद्धांजलि

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा, "पी. लंकेश की उपलब्धियाँ इंदिरा लंकेश के अटूट समर्थन के बिना संभव नहीं थीं।" उन्होंने गौरी लंकेश की हत्या के बाद इंदिरा के गहरे आघात का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने उन्हें "सभी महिलाओं के लिए आदर्श" बताया। कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने कहा, "इंदिराम्मा, आराम से आराम करें। गौरी के लिए न्याय होगा, यह हमारा वादा है।"

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

इंदिरा लंकेश की जीवन गाथा दर्शाती है कि कैसे एक महिला ने पारिवारिक और व्यावसायिक चुनौतियों का सामना करते हुए साहित्य, मीडिया और उद्यमिता में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदिरा लंकेश कौन थीं?

इंदिरा लंकेश एक प्रसिद्ध कन्नड़ लेखिका, प्रकाशक और उद्यमी थीं, जिन्होंने साड़ी का व्यवसाय शुरू किया और 'लंकेश पत्रिके' के प्रकाशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इंदिरा लंकेश का निधन कब और कहाँ हुआ?

उनका निधन 16 जून 2026 को बेंगलुरु स्थित अपने आवास पर हुआ। वह 83 वर्ष की थीं।

इंदिरा लंकेश की प्रमुख रचनाएँ कौन सी हैं?

उनकी आत्मकथा 'हुलिमावु मत्तु नानू' कन्नड़ साहित्य में एक मील का पत्थर मानी जाती है।

इंदिरा लंकेश का परिवार कौन है?

उनके पति प्रसिद्ध लेखक पी. लंकेश थे। उनकी बेटी फिल्म निर्माता कविता लंकेश, बेटे फिल्म निर्माता इंद्रजीत लंकेश और बड़ी बेटी पत्रकार गौरी लंकेश (2017 में मारी गईं) हैं।

स्रोत: www.hindustantimes.com

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