प्रमुख तथ्य
भारत के ओमान में राजदूत प्रशांत पिसे ने सोमवार (15 जून, 2026) को मस्कट में एमटी जलवीर के 20 भारतीय चालक दल के सदस्यों से मुलाकात की। ये नाविक जल्द ही स्वदेश लौटेंगे। ओमान में भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर यह जानकारी दी।
पूरी घटना का विवरण
गिनी-बिसाउ ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी जलवीर पर 11 जून 2026 को हमला हुआ था। ओमानी अधिकारियों के सहयोग से चालक दल को सुरक्षित तट पर लाया गया। यह चार दिनों में ओमान तट पर अमेरिकी नौसेना द्वारा भारतीय नाविकों वाले तीसरे जहाज पर हमला था।
पिछली घटनाएं
- 8 जून 2026: अमेरिकी सेना ने पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी मारीवेक्स को निष्क्रिय कर दिया, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे। सभी को सुरक्षित बचाया गया।
- 11 जून 2026: अमेरिकी सेना ने पलाऊ ध्वज वाले एमटी सेट्टेबेलो पर हमला किया, जिसमें 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई।
- 11 जून 2026: एमटी जलवीर पर हमला, 20 भारतीय नाविक सुरक्षित।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने पुष्टि की कि ये तीनों हमले अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए। ओमान में भारतीय दूतावास ने कहा कि वह संकटग्रस्त भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता और समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
नाविकों की स्थिति और स्वदेश वापसी
राजदूत पिसे ने नाविकों से मुलाकात कर उनकी सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं दीं। सभी नाविक स्वस्थ हैं और जल्द ही भारत लौटेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
एमटी जलवीर पर कितने भारतीय चालक दल के सदस्य थे?
एमटी जलवीर पर 20 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे।
भारतीय राजदूत ने नाविकों से कहाँ मुलाकात की?
भारतीय राजदूत प्रशांत पिसे ने मस्कट, ओमान में नाविकों से मुलाकात की।
यह हमला किसने किया था?
भारत सरकार के अनुसार, ये हमले अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए थे।
क्या सभी नाविक सुरक्षित हैं?
हां, सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें ओमानी अधिकारियों के सहयोग से तट पर लाया गया।
स्रोत: www.thehindu.com