मुख्य तथ्य
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार (18 जून, 2026) को पेरिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) 15 जुलाई, 2026 से लागू होगा। यह समझौता पिछले वर्ष दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ था।
समझौते का विवरण
मिस्री ने कहा, 'भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता केवल व्यापार और प्रौद्योगिकी से परे जाकर दोनों देशों के लोगों के लिए कई दरवाजे खोलता है।' उन्होंने बताया कि यह समझौता गतिशीलता को भी बढ़ावा देगा और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा।
व्यापार पर प्रभाव
वर्तमान में द्विपक्षीय वार्षिक व्यापार लगभग 48 बिलियन पाउंड है, और CETA के लागू होने से इसमें उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। मिस्री ने कहा कि दोनों पक्षों के व्यवसाय इस समझौते के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपनी विस्तार योजनाओं को आगे बढ़ा सकें।
जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की, जिसमें CETA को लागू करने की तारीख तय की गई। इसके अलावा, पीएम मोदी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ भी बैठक की, जिसमें भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत को इस वर्ष के अंत तक पूरा करने पर सहमति बनी।
भारत-फ्रांस संबंध
विदेश सचिव ने भारत-फ्रांस संबंधों को 'वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत द्विपक्षीय संबंधों में से एक' बताया। उन्होंने रक्षा, परमाणु और अंतरिक्ष क्षेत्रों में सहयोग पर प्रकाश डाला। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को विदाई देते हुए हिंदी में एक संदेश पोस्ट किया।
FAQ
भारत-यूके व्यापार समझौता कब से लागू होगा?
यह समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होगा।
इस समझौते से द्विपक्षीय व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
समझौते से वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार मौजूदा 48 बिलियन पाउंड से काफी बढ़ने की उम्मीद है।
भारत-यूके समझौते में किन क्षेत्रों को शामिल किया गया है?
समझौता व्यापार, प्रौद्योगिकी, गतिशीलता और लोगों के बीच संपर्क को कवर करता है।