प्रमुख तथ्य
भारत ने शुक्रवार को दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक जेसन मीक्स को तलब कर ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना द्वारा व्यापारिक जहाजों पर हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। यह घटना भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव का कारण बन रही है।
विस्तार से
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने मीक्स के समक्ष 'घातक बल' के इस्तेमाल पर गहरी चिंता व्यक्त की। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां 'अस्वीकार्य' हैं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री वाणिज्य की सुरक्षा को कमजोर करती हैं। मीक्स को निर्देश दिया गया कि वे भारत की चिंताओं को अमेरिकी अधिकारियों तक पहुंचाएं और नागरिक जीवन की हानि रोकने के उपाय सुनिश्चित करें।
प्रभाव
इन हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत ने जनता में आक्रोश पैदा कर दिया है। पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका को भारतीय जीवन की कीमत पर अपनी कार्रवाई का बचाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने अमेरिकी नाकाबंदी को 'अवैध' बताया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह घटना भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को प्रभावित कर सकती है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। ओमानी सेना ने तीनों जहाजों से 60 से अधिक भारतीय चालक दल के सदस्यों को बचाया है।
FAQ
भारत ने अमेरिकी राजनयिक को क्यों तलब किया?
अमेरिकी नौसेना द्वारा ओमान की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के विरोध में भारत ने अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया।
हमले में कितने भारतीय नाविक मारे गए?
तीन भारतीय नाविक मारे गए, जिनमें हिमाचल प्रदेश के 23 वर्षीय आदित्य शर्मा भी शामिल हैं।
अमेरिका ने इन जहाजों को क्यों निशाना बनाया?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ये जहाज ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहे थे, इसलिए उन्हें अक्षम करने के लिए कार्रवाई की गई।