प्रमुख तथ्य
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से टेलीफोन पर बातचीत की और खाड़ी में अमेरिकी नौसेना द्वारा भारतीय नाविकों पर किए गए हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई।
विस्तार से जानकारी
ओमान तट के पास तीन भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हमला किया गया। बुधवार (10 जून 2026) को एक हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए। विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, "वाणिज्यिक शिपिंग के खिलाफ ऐसी घातक कार्रवाई उचित नहीं है।"
जयशंकर ने कहा, "आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात की। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमलों पर भारत के कड़े विरोध को दोहराया, जिसमें तीन भारतीय नाविक मारे गए।"
भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया
भारत ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब कर इस मामले पर विरोध दर्ज कराया। यह कदम भारत सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
प्रभाव और आगे की राह
इस घटना से भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव आ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देश इस मुद्दे को राजनयिक स्तर पर सुलझाने का प्रयास करेंगे। भारत सरकार ने मृत नाविकों के परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- यह घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और सुरक्षा के मुद्दे को उजागर करती है।
- भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वाणिज्यिक जहाजों पर हमला अस्वीकार्य है।
- अमेरिकी पक्ष से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमेरिकी नौसेना के हमले में कितने भारतीय नाविक मारे गए?
तीन भारतीय नाविक मारे गए।
विदेश मंत्री जयशंकर ने किससे बात की?
उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात की।
हमला कहाँ हुआ?
हमला ओमान तट के पास खाड़ी में हुआ।
स्रोत: www.thehindu.com