Desh Duniya | अमेरिकी नौसेना

अमेरिकी नौसेना द्वारा तीन भारतीय नाविकों की हत्या पर भारत का कड़ा विरोध

प्रमुख तथ्य भारत ने अमेरिकी नौसेना द्वारा ओमान तट पर तीन जहाजों पर मिसाइल हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री…

प्रमुख तथ्य

भारत ने अमेरिकी नौसेना द्वारा ओमान तट पर तीन जहाजों पर मिसाइल हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से टेलीफोन पर बातचीत में इस घटना को 'अनुचित' बताया और कहा कि वाणिज्यिक शिपिंग के खिलाफ इस तरह की घातक कार्रवाई उचित नहीं है।

विस्तार से

12 जून 2026 को भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रतिनिधि जेसन मीक्स को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने रुबियो से बातचीत में भारत की आपत्ति दोहराई। रुबियो ने कहा कि अमेरिकी नाकाबंदी और ईरानी तेल के अवैध परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि रुबियो ने जयशंकर को बताया कि सभी वाणिज्यिक जहाजों को तुरंत अमेरिकी बलों के आदेशों का पालन करना चाहिए।

प्रभाव और प्रतिक्रियाएं

इस घटना से दोनों देशों के बीच मतभेद सामने आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात होने वाली है। संसदीय समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने अमेरिकी बयान की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें भारतीय नाविकों की मौत पर कोई खेद या संवेदना व्यक्त नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जहाजों को निष्क्रिय करने के लिए मिसाइलों का इस्तेमाल जरूरी था।

क्या जानना चाहिए

  • अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि तीनों जहाजों ने बार-बार अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया।
  • जहाज प्रबंधन कंपनी IOS Marine FZE ने अमेरिकी दावों का खंडन करते हुए कहा कि कोई चेतावनी नहीं दी गई और कोई संचार स्थापित नहीं हुआ।
  • फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया ने भारत सरकार से क्षेत्र में भारतीय जहाजों के लिए नौसेना और खुफिया सहायता बढ़ाने का आग्रह किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी नौसेना ने कितने जहाजों पर हमला किया?

अमेरिकी नौसेना ने तीन जहाजों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें तीन भारतीय नाविक मारे गए।

भारत ने इस घटना पर क्या कदम उठाया?

भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रतिनिधि को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया और विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से बातचीत में इसकी निंदा की।

अमेरिका का क्या कहना है?

अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी बलों के आदेशों का पालन करना चाहिए और ईरानी तेल की तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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