Desh Duniya | Bangladesh Politics

भारत ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर अपने रुख में बदलाव से किया इनकार

प्रमुख तथ्य भारत ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के मामले में उसके रुख में कोई बदलाव नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि…

प्रमुख तथ्य

भारत ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के मामले में उसके रुख में कोई बदलाव नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कोई भी प्रत्यर्पण अनुरोध कानूनी मामला है और उसके अनुसार निपटाया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब हसीना के करीबी सूत्रों ने संकेत दिया है कि वह दिसंबर के आसपास बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं।

विस्तार से

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाताओं से कहा, "इस मामले पर हमारे दृष्टिकोण में कोई बदलाव नहीं है। कोई भी प्रत्यर्पण मामला कानूनी मुद्दा है, और उसके अनुसार निपटा जाएगा।" यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि 78 वर्षीय अवामी लीग नेता हसीना अपनी पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए बांग्लादेश लौटने की तैयारी कर रही हैं।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हसीना की वापसी की योजना का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें न्याय का सामना करना चाहिए। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सूचना और रणनीति सलाहकार जाहिद उर रहमान ने कहा, "हम उनकी घोषणा का स्वागत करते हैं क्योंकि हम न्याय सुनिश्चित करना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि देश के लोग चाहते हैं कि उनकी मौत की सजा बरकरार रहे और उसे अंजाम दिया जाए।

प्रभाव और पृष्ठभूमि

शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में निर्वासित हैं, जब छात्रों के बड़े पैमाने पर विद्रोह के बाद उनकी सरकार गिर गई थी। पिछले नवंबर में, बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने उन्हें 2024 की अशांति के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई में मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। हसीना ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है।

हसीना सरकार के पतन और बांग्लादेश में नई राजनीतिक सरकार के उभरने के बाद नई दिल्ली और ढाका के बीच संबंधों में गिरावट आई है। भारत ने फरवरी में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री को भेजा था, जबकि बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने अप्रैल में नई दिल्ली का दौरा किया था।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • भारत ने प्रत्यर्पण मामले को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया है, जिससे संकेत मिलता है कि वह बांग्लादेश के अनुरोध पर विचार कर सकता है लेकिन कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए।
  • हसीना की वापसी की योजना से दोनों देशों के संबंधों में और तनाव आ सकता है, खासकर जब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करने की इच्छुक है।
  • यह मामला भारत-बांग्लादेश संबंधों में एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है, जिस पर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी रहने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारत शेख हसीना को प्रत्यर्पित करेगा?

भारत ने कहा है कि प्रत्यर्पण का मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत देखा जाएगा और इस पर फिलहाल कोई बदलाव नहीं है।

शेख हसीना पर क्या आरोप हैं?

बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने उन्हें 2024 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। हसीना ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।

शेख हसीना भारत में कब से हैं?

वह अगस्त 2024 से भारत में निर्वासित जीवन बिता रही हैं, जब छात्र विद्रोह के बाद उनकी सरकार गिर गई थी।

Follow us on Google News

Explore more

INDIA Bloc Unites Against Delimitation Bill, Congress Chief Sapkal Leads Charge

Key Facts The INDIA bloc, a coalition of opposition parties, has come out strongly against the proposed delimitation bill. State Congress chief…

More on Desh Duniya from Himachal Pradesh

डेटा गोपनीयता: आपकी व्यक्तिगत जानकारी और कुकीज़ का उपयोग कैसे होता है?

डेटा गोपनीयता और आपकी सहमति जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं, तो आपकी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे कि कुकीज़, डिवाइस पहचानकर्ता और…

डेटा गोपनीयता: जानें कैसे वेबसाइटें आपकी जानकारी का उपयोग करती हैं

डेटा गोपनीयता क्या है? डेटा गोपनीयता का अर्थ है कि आपकी व्यक्तिगत जानकारी को कैसे एकत्र, संग्रहीत और उपयोग किया जाता है।…

देश-दुनिया की बड़ी खबरें: 16 जुलाई 2026

प्रमुख समाचार 16 जुलाई 2026 की सुबह की स्कूल असेंबली के लिए यहां प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार प्रस्तुत हैं। अमेरिका का…