मुख्य तथ्य
भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन 17 जुलाई 2026 को लॉन्च होने जा रही है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा विकसित इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे रूट पर चलेगी, जो उत्तरी रेलवे के दिल्ली डिवीजन के अंतर्गत आता है।
विस्तृत जानकारी
रेलवे बोर्ड ने 22 मई 2026 को RDSO और उत्तरी रेलवे को पत्र लिखकर हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन की मंजूरी दे दी थी। उत्तरी रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लॉन्च की तैयारियां जोरों पर हैं और 17 जुलाई की तारीख तय की गई है।
यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 12 स्टेशनों पर रुकेगी: जींद सिटी, पांडु पिंडारा, लालित खेड़ा, भाम्बेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राभड़ा, लाठ, मोहना हरियाणा और बरवासनी। इसका ट्रेन नंबर 74010/74009 होगा।
तकनीकी विशेषताएं
यह 10 डिब्बों की ट्रेनसेट है, जिसमें दो ड्राइविंग पावर कार (DPC) होंगी, प्रत्येक की क्षमता 1,200 किलोवाट होगी, जिससे कुल 2,400 किलोवाट की शक्ति मिलेगी। इसके अलावा आठ यात्री कोच होंगे। ट्रेन की अधिकतम गति 75 किमी प्रति घंटा होगी।
यह ट्रेन 1,200 किलोवाट के हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रणोदन सिस्टम से संचालित होगी। इसे डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (DEMU) रेक से कन्वर्ट किया गया है। रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन एक उच्च ऊर्जा घनत्व वाला ईंधन है (120 MJ/Kg) जबकि डीजल का ऊर्जा घनत्व 43 MJ/Kg है। हाइब्रिड पावर सिस्टम में प्राथमिक ऊर्जा स्रोत प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ्यूल सेल (PEMFC) होगा और द्वितीयक स्रोत बैटरी बैंक होगा।
पर्यावरणीय प्रभाव
हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक बिजली उत्पन्न करने के लिए रासायनिक अभिक्रिया का उपयोग करती है, जिसमें केवल जल वाष्प उत्सर्जित होता है। यह पारंपरिक जीवाश्म ईंधन आधारित ट्रैक्शन सिस्टम की तुलना में अधिक स्वच्छ विकल्प है।
ईंधन भरने की सुविधा
हाइड्रोजन ट्रेन के लिए जींद में एक हाइड्रोजन भंडारण और ईंधन भरने की सुविधा स्थापित की गई है। पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) ने संपीड़ित हाइड्रोजन गैस के भंडारण और वितरण के लिए लाइसेंस जारी किया है। रेलवे ने बताया कि ईंधन भरने के संचालन के लिए एक हाइड्रोजन कंप्रेशन सिस्टम प्रदान किया गया है, साथ ही स्टैंडबाय कंप्रेसर यूनिट भी सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा सेंसर जैसे हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर और फ्लेम डिटेक्टर नियमित रूप से निरीक्षण और सफाई किए जाएंगे।
वैश्विक संदर्भ
इस लॉन्च के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जो स्वच्छ रेल परिवहन के लिए हाइड्रोजन ट्रेनों की खोज कर रहे हैं। जर्मनी, जापान, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका पहले से ही इस दिशा में काम कर रहे हैं। हाल ही में स्विट्जरलैंड ने भी एक हाइड्रोजन ट्रेन का अनावरण किया, हालांकि वह नैरो-गेज रेलवे नेटवर्क के लिए विकसित की गई थी।
FAQ
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन कब लॉन्च होगी?
इसे 17 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना है।
हाइड्रोजन ट्रेन किस रूट पर चलेगी?
यह हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे रूट पर चलेगी, जिसमें 12 स्टेशन होंगे।
हाइड्रोजन ट्रेन की अधिकतम गति कितनी है?
इसकी अधिकतम गति 75 किमी प्रति घंटा है।
हाइड्रोजन ट्रेन कितने डिब्बों की होगी?
यह 10 डिब्बों की ट्रेनसेट होगी, जिसमें दो ड्राइविंग पावर कार और आठ यात्री कोच होंगे।