मुख्य बिंदु
भारत और कनाडा के बीच संबंधों में सुधार की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। कनाडाई उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने एक साक्षात्कार में बताया कि दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल हुआ है और सुरक्षा, ऊर्जा, रक्षा, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है।
संबंधों की बहाली की पृष्ठभूमि
2023 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित संलिप्तता के आरोप के बाद द्विपक्षीय संबंध चरमरा गए थे। भारत ने इन आरोपों को 'बेतुका' और 'प्रेरित' बताकर खारिज कर दिया था। जून 2025 में कनानास्किस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात ने संबंधों को पटरी पर लाने की शुरुआत की।
विश्वास बहाली और सुरक्षा सहयोग
कूटर ने कहा कि दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच विश्वास बहाल हुआ है। सितंबर 2025 में नए उच्चायुक्तों की नियुक्ति के बाद, एक वरिष्ठ कनाडाई सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय समकक्षों से मुलाकात की और खुलकर बातचीत की। जनवरी 2026 में भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने कनाडा का दौरा किया, जिससे नियमित संवाद स्थापित हुआ। कूटर ने कहा, "रास्ते में उतार-चढ़ाव आएंगे, लेकिन अब हमारे पास पेशेवर तरीके से मुद्दों से निपटने के तंत्र हैं।"
ऊर्जा और रक्षा सहयोग
कनाडा भारत की बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कूटर ने बताया कि कनाडा के पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल भंडार, पांचवां सबसे बड़ा LNG और LPG भंडार, और यूरेनियम का दूसरा या तीसरा सबसे बड़ा भंडार है। दोनों देशों के बीच परमाणु सहयोग 2015 के समझौते के तहत आगे बढ़ सकता है। रक्षा क्षेत्र में, कनाडा अपने रक्षा उद्योग को विविधता देने और भारत के साथ वाणिज्यिक संबंध स्थापित करने पर विचार कर रहा है।
शिक्षा और वीज़ा
कनाडा में 4 लाख भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं, जो कनाडा की आबादी का लगभग 1% है। कूटर ने कहा कि वीज़ा प्रक्रिया को बेहतर बनाने की आवश्यकता है और कनाडा सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि वीज़ा आवेदन का अनुभव दर्दनाक न हो, बल्कि निष्पक्ष हो।"
व्यापार और आर्थिक साझेदारी
दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत फिर से शुरू हुई है। कूटर ने विश्वास जताया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ यह समझौता जल्द ही साकार होगा और दोनों अर्थव्यवस्थाओं की पूरकता को देखते हुए इससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
कनाडा चीन पर अत्यधिक निर्भरता से बचना चाहता है और भारत को एक प्रमुख विकल्प के रूप में देखता है। कूटर ने कहा कि दोनों देशों ने 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन इससे कहीं अधिक महत्वाकांक्षी हो सकते हैं।
भारत में बदलाव पर टिप्पणी
1997-2000 में भारत में तैनात रहे कूटर ने कहा कि भारत में सबसे बड़ा बदलाव रवैये में आया है। अब भारत दुनिया के लिए खुला है और उसमें आत्मविश्वास है। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि भारत दुनिया में अधिक सक्रिय भूमिका निभाए।"
FAQ
भारत-कनाडा संबंधों में सुधार कैसे शुरू हुआ?
जून 2025 में G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात के बाद संबंधों में सुधार शुरू हुआ। दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
कनाडा में खालिस्तानी तत्वों से संबंधित सुरक्षा चिंताओं पर क्या प्रगति हुई?
दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच विश्वास बहाल हुआ है और नियमित संवाद स्थापित हुआ है। एनएसए अजित डोवाल ने जनवरी 2026 में कनाडा का दौरा किया, जिससे सहयोग मजबूत हुआ।
भारतीय छात्रों के लिए कनाडा वीज़ा प्रक्रिया में क्या बदलाव हो रहे हैं?
कनाडा वीज़ा प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने पर काम कर रहा है। वर्तमान में 4 लाख भारतीय छात्र कनाडा में पढ़ रहे हैं, और वीज़ा कैप अभी भरी नहीं गई है।
भारत-कनाडा व्यापार समझौते की वर्तमान स्थिति क्या है?
दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत फिर से शुरू हुई है। राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ इसे जल्द ही अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।