मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय वार्ता हुई। यह पिछले एक साल में दोनों नेताओं की चौथी मुलाकात है, जो संबंधों में तेजी को दर्शाती है। चर्चा में व्यापार, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और जन-से-जन संपर्क शामिल रहे।
वार्ता का विवरण
PM मोदी ने कहा, "एक साल से भी कम समय में यह हमारी चौथी मुलाकात है, जो मजबूत भारत-कनाडा संबंधों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हमने द्विपक्षीय संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की, विशेषकर पिछली मुलाकात के बाद हुई प्रगति की।" इससे पहले, PM मोदी ने कार्नी के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए इस वर्ष के अंत तक कनाडा दौरे की उम्मीद जताई और भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को उससे पहले पूरा करने की इच्छा व्यक्त की।
पिछली तीन मुलाकातें पिछले वर्ष जून में कनाडा के कनानास्किस में G7 शिखर सम्मेलन और नवंबर में जोहान्सबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन में हुई थीं।
राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी हस्तक्षेप पर चर्चा
दोनों देशों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा और कनाडा में विदेशी हस्तक्षेप पर चर्चा जारी है। कार्नी के नेतृत्व में ओटावा और नई दिल्ली के बीच संबंधों में सुधार हुआ है, जो पूर्व PM जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में तनावपूर्ण हो गए थे। 2024 में, कनाडा ने भारत पर ब्रिटिश कोलंबिया में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था, जिसे भारत ने खारिज किया था।
ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सहयोग
PM मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा में कनाडा को एक प्रमुख भागीदार बताया। मार्च 2026 में दोनों देशों ने सुरक्षा ऊर्जा साझेदारी को आगे बढ़ाया, जिसके तहत कनाडा की कैमेको और भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग ने 2.6 बिलियन कैनेडियन डॉलर का यूरेनियम आपूर्ति समझौता (2027-2035) किया।
व्यापार समझौते की दिशा में प्रगति
दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले महीने 100 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ कनाडा का दौरा किया था। अमेरिकी टैरिफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों के मद्देनजर, कार्नी चीन, भारत, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के साथ संबंधों को विविधता देने का प्रयास कर रहे हैं।
FAQ
मोदी और कार्नी की यह चौथी मुलाकात क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दर्शाती है। पिछले एक साल में चार बार मिलना द्विपक्षीय संबंधों में तेजी का संकेत है।
भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वर्तमान स्थिति क्या है?
दोनों देश FTA पर बातचीत कर रहे हैं। PM मोदी ने उम्मीद जताई है कि इस साल के अंत तक समझौता पूरा हो सकता है। हाल ही में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 100 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ कनाडा का दौरा किया था।
भारत-कनाडा ऊर्जा साझेदारी में क्या नया है?
मार्च 2026 में दोनों देशों ने सुरक्षा ऊर्जा साझेदारी को आगे बढ़ाया। कनाडा की कैमेको और भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग के बीच 2.6 बिलियन कैनेडियन डॉलर का यूरेनियम आपूर्ति समझौता (2027-2035) हुआ है।
स्रोत: www.thehindu.com