प्रमुख तथ्य
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आयोजित पासिंग आउट परेड की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने IMA से पास आउट हुई महिला कैडेटों की पहली बैच को ऐतिहासिक बताया। यह बैच 9 महिला कैडेटों पर आधारित थी, जिन्होंने प्री-कमीशनिंग प्रशिक्षण पूरा किया।
विस्तार से जानकारी
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, “यह IMA के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण है। यह न केवल भारत की रक्षा बलों के इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि महिला नेतृत्व वाले विकास की दिशा में भारत की प्रगति का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। मुझे विश्वास है कि और अधिक महिला कैडेट अकादमी में शामिल होंगी।”
महिलाओं को पहली बार 1992 में महिला विशेष प्रवेश योजना के तहत अधिकारी के रूप में शामिल किया गया था। पिछले कुछ वर्षों में, सेना की विभिन्न शाखाओं में उनकी भूमिका का विस्तार हुआ है। नीतिगत सुधारों और ऐतिहासिक अदालती फैसलों ने स्थायी कमीशन और कमांड अवसरों सहित नए रास्ते खोले हैं।
एक निर्णायक क्षण 2021 में आया जब सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी। महिलाओं का पहला बैच अगले वर्ष NDA में शामिल हुआ, जिसने सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों में महिलाओं के एकीकरण का मार्ग प्रशस्त किया। 2025 में, 17 महिला कैडेट NDA से पास आउट हुईं, और अब 9 IMA से पास आउट हुई हैं।
प्रभाव और महत्व
यह घटना भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि वे देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के रक्षक हैं। उन्होंने सेना को अनुकूलनीय और भविष्य के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- IMA में महिला कैडेटों का यह पहला बैच है, जो लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- सुप्रीम कोर्ट के 2021 के फैसले ने महिलाओं के लिए NDA और IMA के दरवाजे खोल दिए।
- राष्ट्रपति ने विदेशी कैडेटों की भी सराहना की और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IMA से पास आउट होने वाली महिला कैडेटों की पहली बैच में कितनी कैडेट थीं?
पहली बैच में 9 महिला कैडेट शामिल थीं।
महिलाओं को NDA परीक्षा में शामिल होने की अनुमति कब मिली?
सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में महिलाओं को NDA परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी थी।
राष्ट्रपति मुर्मू ने IMA के पासिंग आउट परेड में क्या कहा?
उन्होंने इसे IMA के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण बताया और महिला नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण कहा।
स्रोत: www.hindustantimes.com