मुख्य तथ्य
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT Kanpur) को अपने एक पूर्व छात्र से 10 करोड़ रुपये के दान की प्रतिबद्धता मिली है। यह दान डॉ. नरेश चंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी निधि गुप्ता ने दिया है। इस राशि का उपयोग परिसर में छात्र आवासीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
दान का विवरण
यह दान संस्थान के आगामी हॉल ऑफ रेजिडेंस 15 में एक आवासीय टावर के निर्माण में सहायक होगा। यह नया छात्रावास छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवास की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है। समझौते के अनुसार, IIT Kanpur इस टावर का नाम दाताओं की इच्छानुसार रखेगा। हॉल ऑफ रेजिडेंस 15 में कुल चार टावर होंगे, जिनमें लगभग 1,000 छात्रों के रहने की क्षमता होगी।
आधुनिक सुविधाएं और स्थिरता
प्रस्तावित आवासीय परिसर में आधुनिक सुविधाएं होंगी, जिनमें अध्ययन क्षेत्र, मनोरंजन स्थल, सहयोगी लाउंज और भोजन सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही, यह विकलांगों के अनुकूल बुनियादी ढांचा भी प्रदान करेगा। परियोजना में सौर ऊर्जा एकीकरण, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा-कुशल प्रणाली और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण पद्धतियों जैसी स्थायी सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा।
दाताओं का परिचय
डॉ. नरेश चंद्र गुप्ता IIT Kanpur के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (1988 बैच) के पूर्व छात्र हैं। वे AccuraCap के संस्थापक हैं और Adobe India के संस्थापक भी रहे हैं, जहाँ उन्होंने इसके विकास का नेतृत्व किया। IIT Kanpur ने उन्हें 2025 में प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार (Distinguished Alumnus Award) से सम्मानित किया है।
अधिकारियों के वक्तव्य
संसाधन और पूर्व छात्र मामलों के डीन प्रो. अमेय कर्करे ने कहा कि यह दान संस्थान की वृद्धि में पूर्व छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह न केवल परिसर के बुनियादी ढांचे को बढ़ाएगा, बल्कि IIT Kanpur की उदारता की संस्कृति और उत्कृष्टता की खोज को भी मजबूत करेगा।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह योगदान एक ऐसा वातावरण बनाने में मदद करेगा जहाँ छात्र सीख सकें, सहयोग कर सकें और अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सकें। IIT Kanpur के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने दाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण आवासीय स्थान छात्रों के शैक्षणिक, व्यक्तिगत और नेतृत्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
परियोजना का महत्व
संस्थान ने कहा कि यह परियोजना भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचा बनाने की दीर्घकालिक दृष्टि के अनुरूप है, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता, स्थिरता और छात्र कल्याण को बढ़ावा देती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- IIT Kanpur को कितने रुपये का दान मिला? IIT Kanpur को 10 करोड़ रुपये का दान मिला है।
- यह दान किसने दिया? यह दान पूर्व छात्र डॉ. नरेश चंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी निधि गुप्ता ने दिया है।
- इस दान से क्या बनेगा? इस दान से हॉल ऑफ रेजिडेंस 15 में एक आवासीय टावर का निर्माण होगा, जिसमें आधुनिक सुविधाएं होंगी।
- नए छात्रावास में कितने छात्र रह सकेंगे? हॉल ऑफ रेजिडेंस 15 में चार टावर होंगे, जिनमें लगभग 1,000 छात्र रह सकेंगे।