प्रमुख तथ्य
तेलंगाना ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) ने हैदराबाद के अलवाल क्षेत्र में एक दवा कंपनी पर लेबल हेराफेरी और फर्जी निर्माण विवरण का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए 70.56 लाख रुपये मूल्य के फार्मास्युटिकल एक्सीसिएंट्स जब्त किए हैं।
छापेमारी और जब्ती का विवरण
DCA अधिकारियों ने 12 जून को पुराने अलवाल के मंगापुरम कॉलोनी में स्थित DK फार्मास्यूटिकल्स पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान 12 कार्डबोर्ड ड्रमों में 240 किलोग्राम हाइड्रॉक्सीप्रोपाइल बेटाडेक्स पाया गया, जो विभिन्न दवा फॉर्मूलेशन में उपयोग होने वाला एक फार्मास्युटिकल एक्सीसिएंट है।
लेबल हेराफेरी का खुलासा
ड्रमों पर बैच नंबर RHPB/2026/05/002 के साथ मैन्युफैक्चरिंग डेट मई 2026 और एक्सपायरी डेट अप्रैल 2029 अंकित था। लेबल पर DK फार्मास्यूटिकल्स को निर्माता बताया गया था और संगारेड्डी जिले के पशामिलारम में एक निर्माण इकाई का पता दिया गया था। हालांकि, जांच में यह पता चला कि लेबल पर उल्लिखित निर्माण इकाई फर्जी है और अस्तित्व में ही नहीं है।
आरोप और कानूनी कार्रवाई
जांच में पाया गया कि DK फार्मास्यूटिकल्स के पार्टनर सतीश बाबू धुलापल्ली और नागास्वामी कटरागड्डा ने मूल लेबल हटाकर फर्जी निर्माण इकाई के विवरण वाले नकली लेबल लगाए थे। DCA ने स्टॉक जब्त कर लिया है और नमूनों का विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत यह गंभीर उल्लंघन है, जिसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है।
FAQ
DK फार्मास्यूटिकल्स पर क्या आरोप है?
कंपनी पर फार्मास्युटिकल एक्सीसिएंट के मूल लेबल हटाकर फर्जी निर्माण इकाई के विवरण वाले नकली लेबल लगाने का आरोप है।
जब्त किए गए पदार्थ की कीमत कितनी है?
जब्त किए गए 240 किलोग्राम हाइड्रॉक्सीप्रोपाइल बेटाडेक्स की कीमत 70.56 लाख रुपये है।
इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत यह गंभीर उल्लंघन है, जिसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है।