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हुबली में प्रसाद अब्बय्या को मंत्री बनाने की मांग: समुदायों के नेताओं ने की बैठक

मुख्य तथ्य हुबली में 15 जून को विभिन्न समुदायों के नेताओं और व्यापारियों ने एक बैठक की, जिसमें हुबली धारवाड़ पूर्व विधानसभा क्षेत्र से तीन बार के विधायक प्रसाद अब्बय्या को मंत्री बनाने की मांग…

मुख्य तथ्य

हुबली में 15 जून को विभिन्न समुदायों के नेताओं और व्यापारियों ने एक बैठक की, जिसमें हुबली धारवाड़ पूर्व विधानसभा क्षेत्र से तीन बार के विधायक प्रसाद अब्बय्या को मंत्री बनाने की मांग उठाई गई। इस बैठक में पूर्व एमएलसी मोहन लिंबिकाई, पूर्व मंत्री पी.सी. सिद्दनगौड़ा, एचडीयूडीए अध्यक्ष शकीर सनाडी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

विस्तार से जानकारी

बैठक की अध्यक्षता कर रहे 90 वर्षीय व्यवसायी जी.एम. चिक्कमठ ने कहा कि उन्होंने जीवन में कभी किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं किया, लेकिन अब्बय्या के काम से प्रभावित होकर वे इस मांग के लिए आए हैं। पूर्व मंत्री पी.सी. सिद्दनगौड़ा ने कहा कि अब्बय्या को मंत्री बनाने की मांग लंबे समय से लंबित है और पार्टी आलाकमान को उनके अच्छे काम के लिए पुरस्कृत करना चाहिए। पूर्व एमएलसी मोहन लिंबिकाई ने अब्बय्या के निस्वार्थ और धर्मनिरपेक्ष कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नेता को मंत्री बनाने से क्षेत्र का विकास होगा।

प्रभाव और महत्व

प्रसाद अब्बय्या 2013 से लगातार निर्विरोध नहीं, बल्कि बढ़ते अंतर से जीत रहे हैं: 2013 में 13,000, 2018 में 21,000 और 2023 में 32,000 वोटों से। यह दर्शाता है कि उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। बैठक में शामिल अन्य नेताओं में अल्ताफ हलवूर, मोहम्मद यूसुफ सावनूर, वसंत लाडवा, राजा देसाई, तारादेवी वाली, स्वाति मालागी, चंद्रशेखर अलगुंडागी और नागराज गुरिकर शामिल थे। अनवर मुधोल, महेंद्र सिंघी और राजशेखर मेनासिनाकाई ने बैठक का समन्वय किया और अब्बय्या के क्षेत्र विकास में योगदान पर प्रकाश डाला।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

यह मांग कर्नाटक की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम है, जहां विभिन्न समुदायों के नेताओं ने एकजुट होकर एक विधायक को मंत्री पद दिलाने की कोशिश की है। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी आलाकमान इस मांग पर क्या फैसला लेता है।

FAQ

प्रसाद अब्बय्या कौन हैं?

प्रसाद अब्बय्या हुबली धारवाड़ पूर्व विधानसभा क्षेत्र से तीन बार के विधायक हैं, जो 2013, 2018 और 2023 में लगातार चुनाव जीते हैं।

हुबली में बैठक क्यों हुई?

बैठक का उद्देश्य प्रसाद अब्बय्या को कर्नाटक सरकार में मंत्री पद दिए जाने की मांग करना था, जिसमें विभिन्न समुदायों के नेताओं और व्यापारियों ने भाग लिया।

प्रसाद अब्बय्या की जीत का अंतर कितना रहा है?

2013 में 13,000, 2018 में 21,000 और 2023 में 32,000 वोटों के अंतर से वे लगातार जीते हैं।

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