मुख्य बातें
एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने प्रदेश सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि 10 जुलाई तक कर्मचारियों की लंबित मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यूनियन आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगी। मान सिंह ने तबादलों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे किसी भी तबादले से नहीं डरते, लेकिन पहले कर्मचारियों के हक का पैसा जारी किया जाए।
पत्रकार वार्ता में मान सिंह का बयान
मंगलवार को धर्मशाला बस स्टैंड पर आयोजित पत्रकार वार्ता में मान सिंह ठाकुर ने कहा, 'सरकार चाहे तो हर दिन मेरा तबादला कर दे, मैं तबादलों से डरने वाला नहीं हूं। लेकिन ट्रांसफर करने से पहले एचआरटीसी कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा किया जाए और उनके हक का पैसा जारी किया जाए।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की आवाज दबाने के लिए तबादलों को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जो पूरी तरह से अनुचित है।
10 जुलाई की समयसीमा
यूनियन अध्यक्ष ने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों की विभिन्न लंबित देनदारियों और भुगतानों के निपटारे के लिए 10 जुलाई तक का समय मांगा है। यूनियन लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखती है, इसलिए इस समयसीमा का इंतजार किया जा रहा है। यदि 10 जुलाई तक भुगतान नहीं हुआ, तो यूनियन खामोश नहीं बैठेगी और आगामी रणनीति तय करते हुए आंदोलन की राह पर उतरेगी।
वर्दी का मुद्दा
मान सिंह ने सरकार पर वर्दी उपलब्ध कराने के वादे को पूरा न करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्दी देने के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन चालक-परिचालकों को अब तक वर्दी नहीं मिली है। वर्तमान परिस्थितियों में इसके समय पर मिलने की उम्मीद बेहद कम है।
कर्मचारियों की मांगें
- लंबित वेतन और भत्तों का भुगतान
- वर्दी और अन्य बुनियादी सुविधाएं
- प्रशासनिक मांगों का समाधान
यूनियन की चेतावनी
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने 10 जुलाई तक मांगें नहीं मानीं, तो कर्मचारी आंदोलन पर उतरने को मजबूर होंगे। इस मौके पर यूनियन के उपाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में चालक और परिचालक उपस्थित रहे।
FAQ
HRTC यूनियन ने सरकार को क्या अल्टीमेटम दिया है?
यूनियन ने सरकार को 10 जुलाई तक कर्मचारियों की लंबित मांगों और बकाया भुगतान का निपटारा करने का समय दिया है। ऐसा न होने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मान सिंह ठाकुर ने तबादलों पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वे तबादलों से नहीं डरते, लेकिन सरकार को पहले कर्मचारियों की मांगें पूरी करनी चाहिए। तबादलों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करना अनुचित है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
कर्मचारी लंबित वेतन, भत्ते और वर्दी जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। सरकार ने वर्दी देने का वादा किया था, लेकिन अब तक पूरा नहीं किया।