मुख्य बातें
- हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के कंडक्टरों की यूनियन ने 25 जून 2026 से काम छोड़ो आंदोलन शुरू करने का एलान किया है।
- यूनियन ने 12 मई 2026 को प्रबंधन को 22 सूत्री मांगपत्र सौंपा था, लेकिन 2 जून को हुई बातचीत विफल रही।
- धर्मपुर डिपो के कर्मचारी भी इस आंदोलन में शामिल होंगे।
- आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और आपातकालीन सेवाओं के लिए बसें चलती रहेंगी।
विस्तार से जानकारी
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) में लंबित मांगों को लेकर परिवहन निगम परिचालक यूनियन ने 25 जून से काम छोड़ो आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र भेजकर जानकारी दी गई है। यूनियन ने बताया कि 12 मई 2026 को प्रबंधन निदेशक HRTC को 22 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया था, लेकिन 2 जून को हुई वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके चलते प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया गया है।
धर्मपुर डिपो की भूमिका
धर्मपुर (मंडी) डिपो के कर्मचारी भी इस आंदोलन में शामिल होंगे। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और आपातकालीन सेवाओं के लिए आवश्यक बस सेवाएं जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से मांगों के समाधान का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन आश्वासनों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रभाव और आगे की रणनीति
इस आंदोलन से HRTC की बस सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां सार्वजनिक परिवहन का एकमात्र साधन HRTC है। यूनियन का कहना है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यदि आप HRTC बसों से यात्रा करते हैं, तो 25 जून से संभावित सेवा व्यवधान को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक यात्रा योजना बनाएं। आपातकालीन सेवाओं के लिए कुछ बसें चलती रहेंगी, लेकिन सामान्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
HRTC कंडक्टर यूनियन ने कब से काम छोड़ो आंदोलन शुरू करने का एलान किया है?
यूनियन ने 25 जून 2026 से काम छोड़ो आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है।
यूनियन की मुख्य मांगें क्या हैं?
यूनियन ने 22 सूत्री मांगपत्र सौंपा था, जिसमें वेतन विसंगतियों, भत्तों और सेवा शर्तों में सुधार शामिल हैं।
क्या आंदोलन के दौरान बस सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी?
यूनियन ने कहा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और आपातकालीन सेवाओं के लिए आवश्यक बस सेवाएं जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।
बातचीत कब और क्यों विफल हुई?
2 जून 2026 को प्रबंधन के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद यूनियन ने आंदोलन का रास्ता चुना।
Source: www.amarujala.com