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झंडूता-नाहरल मार्ग पर hrtc बस सेवा ठप, ग्रामीण आठ किमी पैदल चलने को मजबूर

बिलासपुर में बस सेवा ठप, ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल के झंडूता-नाहरल मार्ग पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस सेवा बंद होने से क्षेत्र के लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त…

बिलासपुर में बस सेवा ठप, ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं

बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल के झंडूता-नाहरल मार्ग पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस सेवा बंद होने से क्षेत्र के लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बसों के संचालन पर रोक लगने के बाद ग्रामीणों को झंडूता बाजार तक पहुंचने के लिए प्रतिदिन करीब आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। इससे न केवल उनका समय और श्रम बर्बाद हो रहा है, बल्कि दैनिक कार्यों में भी भारी बाधा आ रही है।

विद्यार्थियों और नौकरीपेशा पर सबसे अधिक असर

बस सेवा बंद होने का सबसे बुरा प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ा है। कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को रोजाना पैदल झंडूता पहुंचना पड़ता है। लंबी पैदल यात्रा के कारण वे समय पर संस्थान नहीं पहुंच पाते। इसी तरह, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और अन्य कामकाजी व्यक्तियों को भी आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों की मांग: जल्द बहाल हो बस सेवा

रोहल पंचायत के प्रधान सुरेंद्र कुमार ने कहा कि इस मार्ग पर सरकारी बस सेवा पूरी तरह ठप है, जिससे क्षेत्र के लोगों को भारी असुविधा हो रही है। उन्होंने कहा, 'सरकारी बस सेवा बहाल करना बेहद जरूरी है ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और उनकी दैनिक आवाजाही सामान्य हो सके।' वहीं, रोहल पंचायत के उप प्रधान राजकुमार ने बताया कि पहले नाहरल-बिलासपुर बस नियमित रूप से चलती थी, लेकिन अब उसका संचालन भी बंद हो चुका है। उन्होंने प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की कि जनहित को देखते हुए झंडूता-नाहरल मार्ग पर सभी बस सेवाएं जल्द से जल्द बहाल की जाएं, ताकि विद्यार्थियों, कर्मचारियों और आम लोगों को राहत मिल सके।

प्रभावित क्षेत्र और मार्ग

यह मार्ग झंडूता उपमंडल के अंतर्गत आता है और इसमें नाहरल, रोहल पंचायत, गेहड़वीं और आसपास के गांव शामिल हैं। बस सेवा बंद होने से इन क्षेत्रों के हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

झंडूता-नाहरल मार्ग पर बस सेवा कब से बंद है?

हाल ही में यह सेवा बंद हुई है, जिससे ग्रामीणों को आठ किमी पैदल चलना पड़ रहा है।

बस सेवा बंद होने से सबसे अधिक कौन प्रभावित है?

विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं, क्योंकि उन्हें रोजाना लंबी पैदल यात्रा करनी पड़ती है।

ग्रामीणों ने क्या मांग की है?

ग्रामीणों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से जल्द से जल्द बस सेवा बहाल करने की मांग की है।

इस मार्ग पर पहले कौन सी बस सेवाएं चलती थीं?

पहले नाहरल-बिलासपुर बस नियमित रूप से चलती थी, लेकिन अब वह भी बंद हो गई है।

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