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हाउसवेयर कंपनी को पूर्व वितरक के 5.36 लाख रुपये लौटाने के आदेश, कोर्ट ने लगाया ब्याज भुगतान का झटका

मुख्य तथ्य धर्मशाला की सिविल जज-2 अदालत ने एक हाउसवेयर कंपनी को अपने पूर्व वितरक को 5,36,226.15 रुपये लौटाने का आदेश दिया है। अदालत ने इस राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने को…

मुख्य तथ्य

धर्मशाला की सिविल जज-2 अदालत ने एक हाउसवेयर कंपनी को अपने पूर्व वितरक को 5,36,226.15 रुपये लौटाने का आदेश दिया है। अदालत ने इस राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने को कहा है, जो वाद दायर करने की तिथि से भुगतान होने तक लागू होगा। यह आदेश न्यायाधीश डॉ. पार्थ जैन ने सुनाया।

पूरा मामला

धर्मशाला निवासी वादी ने अदालत को बताया कि वह वर्ष 2014 से जिला कांगड़ा में इस कंपनी का वितरक था। वर्ष 2019 में कंपनी ने बिना सूचना दिए उसके व्यावसायिक क्षेत्र के भीतर दूसरा वितरक नियुक्त कर दिया। जब वादी ने इसका विरोध किया, तो कंपनी ने उसे कार्य बंद करने और स्टॉक वापस करने को कहा। वर्ष 2021 में कंपनी ने स्टॉक तो वापस ले लिया, लेकिन भुगतान नहीं किया।

अदालत का फैसला

वादी ने 12 प्रतिशत ब्याज के साथ वसूली का मामला दायर किया था। अदालत ने पाया कि वादी ने तीन कर चालानों के माध्यम से 5,36,226.15 रुपये के स्टॉक का दावा प्रमाणित किया है, जबकि अतिरिक्त 21,254.75 रुपये के डेबिट नोट का कोई साक्ष्य नहीं मिला। मामले की सुनवाई के दौरान नोटिस के बावजूद कंपनी अदालत में उपस्थित नहीं हुई, जिसके चलते उसके विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की गई। अदालत ने 12 प्रतिशत ब्याज की मांग को अनुचित मानते हुए 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज को न्यायोचित ठहराया और वादी के पक्ष में डिक्री पारित कर दी।

प्रभाव और सबक

यह फैसला वितरकों के अधिकारों की रक्षा करने वाला एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इससे स्पष्ट होता है कि कंपनियां अपने वितरकों के साथ मनमानी नहीं कर सकतीं और अनुबंध के उल्लंघन पर उन्हें कानूनी परिणाम भुगतने होंगे। वितरकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने व्यावसायिक लेन-देन के सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें और किसी भी विवाद की स्थिति में कानूनी सहायता लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

कोर्ट ने कंपनी को कितनी राशि लौटाने का आदेश दिया?

कोर्ट ने कंपनी को पूर्व वितरक को 5,36,226.15 रुपये लौटाने का आदेश दिया है।

कंपनी को कितने प्रतिशत ब्याज देना होगा?

कोर्ट ने 9% वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया है, जो वाद दायर करने की तिथि से भुगतान तक लागू होगा।

कंपनी ने वितरक का स्टॉक कब वापस लिया था?

कंपनी ने वर्ष 2021 में वितरक का स्टॉक वापस ले लिया था, लेकिन भुगतान नहीं किया।

कंपनी कोर्ट में क्यों नहीं पेश हुई?

नोटिस के बावजूद कंपनी अदालत में उपस्थित नहीं हुई, जिसके चलते एकपक्षीय कार्रवाई की गई।

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