मुख्यमंत्री से मुलाकात
बेंगलुरु: मानद वाणिज्य दूतों (Honorary Consuls) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से विधान सौध में मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में किरण मजुमदार-शॉ, गीतांजलि किर्लोस्कर, विक्रम विश्वनाथ, मोहन सुरेश, शबीना सुल्ताना, कार्तिक तल्लम, राघवेंद्र पूजारी, रवि शंकर और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।
चर्चा के मुख्य बिंदु
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “बातचीत का फोकस कर्नाटक के वैश्विक समुदाय के साथ जुड़ाव को मजबूत करने और निवेश, नवाचार तथा आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलने पर था।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को गहरा करने में मानद वाणिज्य दूतों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
निवेशकों के लिए आकर्षक बनाने पर जोर
प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने बताया, “बैठक का मुख्य फोकस बेंगलुरु और कर्नाटक को वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना था। यातायात की भीड़ और कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।”
मुख्यमंत्री का विश्वास
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने विश्वास जताया कि मानद वाणिज्य दूतों का निरंतर समर्थन कर्नाटक को उद्यम, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और नवाचार के लिए एक पसंदीदा वैश्विक गंतव्य के रूप में और मजबूत करेगा।
FAQ
मानद वाणिज्य दूत कौन होते हैं?
मानद वाणिज्य दूत वे व्यक्ति होते हैं जो किसी देश के राजनयिक मिशन का हिस्सा न होते हुए भी उस देश के हितों को बढ़ावा देने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
बैठक का मुख्य उद्देश्य कर्नाटक और विशेषकर बेंगलुरु को वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना था, साथ ही यातायात और कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने मानद वाणिज्य दूतों की भूमिका को कैसे सराहा?
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को गहरा करने में मानद वाणिज्य दूतों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और विश्वास जताया कि उनका समर्थन कर्नाटक को उद्यम, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और नवाचार के लिए एक पसंदीदा वैश्विक गंतव्य बनाएगा।
स्रोत: www.thehindu.com