इसके तहत विद्यार्थी पढ़ाई के विभिन्न चरण पूरे करने पर निर्धारित योग्यता के अनुसार प्रमाणपत्र, डिप्लोमा अथवा डिग्री प्राप्त कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर बाद में दोबारा प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। चार वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम को शुरुआती चरण में केवल चयनित सरकारी डिग्री कॉलेजों में लागू किया जाएगा। इन कॉलेजों की सूची अलग से अधिसूचित की जाएगी।उच्च शिक्षा निदेशालय ने भी सरकार की अधिसूचना सभी सरकारी डिग्री और संस्कृत महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भेज दी है। साथ ही आवश्यक कार्रवाई करने और अधिसूचना को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य विवरण
राज्य मंत्रिमंडल ने 23 मार्च की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।अब औपचारिक अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रदेश के कॉलेजों में एनईपी आधारित नई स्नातक शिक्षा व्यवस्था लागू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। प्रदेश विश्वविद्यालय के पत्राचार शिक्षा निदेशालय (सीडीओई) ने बीए और बीकॉम पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को प्रवेश शुल्क जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। बीए और बीकॉम प्रथम वर्ष जनवरी बैच 2025-26, द्वितीय वर्ष जनवरी बैच 2024-25 और तृतीय वर्ष जनवरी बैच 2023-24 के विद्यार्थियों के अलावा जनवरी बैच 2021-22 और 2022-23 के छात्र भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।बिना विलंब शुल्क के प्रवेश शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 27 मई थी। इसके बाद अब विद्यार्थी 11 जून तक 500 रुपये विलंब शुल्क के साथ ऑनलाइन फीस जमा कर सकते हैं।