मंत्रिमंडल ने उन किसानों के लिए कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया, जिनकी भूमि नीलामी के खतरे में है। इसके तहत राज्य सरकार पात्र किसानों के तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज देनदारी का 50 प्रतिशत वहन करेगी। इससे प्रदेश के 6,356 किसानों को लाभ मिलेगा।मंत्रिमंडल ने भर्ती निदेशालय के अंतर्गत वर्क इंस्पेक्टर के 400 पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 300 तथा चतुर्थ श्रेणी मल्टी टास्क वर्करों के 250 पद भरने की स्वीकृति दी गई।
मुख्य विवरण
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 200 स्टाफ नर्सों की भर्ती को भी मंजूरी दी गई।मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 162 पद भरने का निर्णय लिया, जिनमें 76 ऑपरेशन थिएटर सहायक, 36 रेडियोग्राफर तथा 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-2 के पद शामिल हैं। राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न विभागों के 75 सहायक प्रोफेसरों के पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई। मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के कार्डियोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के दो और वरिष्ठ रेजिडेंट के दो पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।मंत्रिमंडल ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के छह नामित प्रोफेसरों को पात्रता प्राप्त करने के लिए आवश्यक अवधि से 6 से 20 दिन कम होने के कारण एकमुश्त विशेष छूट देने का निर्णय लिया।
मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल देहरा में विभिन्न श्रेणियों के 12 पद तथा ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय देहरा में तीन पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई।हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में विभिन्न विभागों में सहायक प्रोफेसरों के 17 पद भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का निर्णय लिया। जिन कर्मचारियों ने पहले अध्ययन अवकाश लिया था, उन्हें भी बकाया वेतन राशि का भुगतान किया जाएगा।31 मार्च, 2026 तक लगातार सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाने को मंजूरी दी गई। जॉब ट्रेनी को 15 दिन का पितृत्व अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
हमीरपुर जिले के नेरी स्थित बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय में विभिन्न श्रेणियों के तीन पद सृजित कर भरने की मंजूरी दी गई।मंडलायुक्त कार्यालय मंडी में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के दो पद सृजित करने का निर्णय भी लिया गया। होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में एक जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित एक मल्टी टास्क वर्कर का पद भरा जाएगा। कांगड़ा जिले के बैजनाथ और बीड़ उप मंडलों के पुनर्गठन के माध्यम से चढि़यार में लोक निर्माण विभाग का नया उपमंडल स्थापित किया जाएगा।मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के तीन पद भरने का निर्णय लिया। पूर्ववर्ती हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर की ओर से जारी 80 पोस्ट कोड के विज्ञापन वापस लेने तथा संबंधित अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क वापस करने की मंजूरी दी गई।
पृष्ठभूमि और प्रभाव
मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना का चौथा चरण आरंभ करने की मंजूरी दी।योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत तथा डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं मजबूत होंगी। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम 1989 में संशोधन को मंजूरी दी ताकि चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण, निर्माण, भंडारण और परिवहन को विनियमित किया जा सके। शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्रों के 15 अग्निकांड प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई।जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रति परिवार सात लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। कुल 84.70 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जाएगी।
बैठक में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो विभिन्न विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को केन्द्रीकृत एवं सुव्यवस्थित करने पर विचार करेगी।मंत्रिमंडल ने घरेलू उपयोग के लिए खनिज परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों की कंपाउंडिंग फीस 4,500 रुपये से घटाकर 500 रुपये करने को मंजूरी दी। इससे ट्रैक्टर संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी और अनावश्यक दंड से बचाव होगा। मंत्रिमंडल ने ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी, जिसके तहत वन विभाग और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेंगे।इससे पशुपालकों को रियल टाइम परमिट उपलब्ध होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बैठक में हिमकेयर योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा कवरेज को बीमा मॉडल के अंतर्गत संचालित करने का निर्णय लिया गया।
संशोधित व्यवस्था के अनुसार पात्र लाभार्थियों को अब पांच लाख रुपये के स्थान पर सात लाख रुपये तथा 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति को भी मंजूरी दी। इस नीति का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्ट-अप के उभरते केंद्रों के रूप मे विकसित करना है। इस नीति के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026 से 2028 तक 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।बैठक में कांगड़ा जिले के पटोला में 132/33 केवी सब स्टेशन तथा कंगैहण में 220 केवी स्विचिंग सब स्टेशन के निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश पावर ट्रासमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पक्ष में 40 वर्षों की पट्टा प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने मंडी जिले के नागरिक अस्पताल सरकाघाट की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 150 बिस्तर करने तथा इसके लिए आवश्यक पदों को सृजित कर भरने को स्वीकृति दी।
बैठक में नागरिक अस्पताल बद्दी को 200 बिस्तरों वाले अस्पताल में स्तरोन्नत करने तथा सोलन जिला के मानपुरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने तथा इसके संचालन के लिए आवश्यक पदों को सृजित कर भरने का निर्णय लिया।मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिला के मझेली में प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र खोलने तथा इसके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों का सृजन कर भरने को स्वीकृति दी। बैठक में सोलन जिले के राज्य स्तरीय शूलिनी मेले को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा प्रदान करने तथा चंबा जिले के छतराड़ी स्थित मां शिव शक्ति जातर मेले, कांगड़ा जिले के इंदौरा स्थित शिवरात्री मेले काठगढ़ को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा देने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले के मेले नेरटी रैत, सोलन के अर्की तहसील के बाड़ीधार मेले सरयांज, चंबा के छिंज मेले गरनोटा तथा मंडीके करसोग तहसील के नाहवीधार मेले को जिला स्तरीय मेले का दर्जा देने को मंजूरी दी।बैठक में शिमला जिले के जुब्बल स्थित ठाकुर रामलाल कन्या खेल छात्रावास को ठाकुर रामलाल राजकीय बालिका खेल विद्यालय जुब्बल में स्तरोन्नत करने तथा विभिन्न श्रेणियों के 23 पद सृजित कर भरने को स्वीकृति दी गई। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री सहारा योजना का सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंजूरी दी।
शिक्षा सचिव ने मंत्रिमंडल के समक्ष सीबीएसई विद्यालयों से संबधित एक प्रस्तुति भी दी।