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हिमाचल पंचायतों में लागू हुआ कचरा शुल्क: परिवारों से 50 रुपये, संस्थानों से 3000 रुपये तक वसूली

मुख्य तथ्य हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए पंचायतों में ‘यूजर चार्ज’ यानी कचरा संग्रहण शुल्क लागू कर दिया गया है। बीडीओ देहरा ने मॉडल उप नियम-2026…

मुख्य तथ्य

हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए पंचायतों में 'यूजर चार्ज' यानी कचरा संग्रहण शुल्क लागू कर दिया गया है। बीडीओ देहरा ने मॉडल उप नियम-2026 के तहत सभी पंचायत सचिवों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सामान्य ग्रामीण परिवारों से 50 रुपये, दुकानों और छोटे व्यवसायों से 100 रुपये, बड़े व्यवसायों से 500 रुपये और बड़े संस्थानों से 1000 से 3000 रुपये प्रति माह शुल्क वसूला जाएगा।

शुल्क निर्धारण और संग्रह प्रक्रिया

बीडीओ देहरा ने स्पष्ट किया है कि नियमों के पालन में लापरवाही पर संबंधित पंचायत सचिव जिम्मेदार होंगे। जिन पंचायतों में अभी तक शुल्क तय नहीं हुआ है, वहां ग्रामसभा या पंचायत बैठक में प्रस्ताव पारित कर दरें निर्धारित की जाएंगी। इसके बाद पंचायतें अपने क्षेत्र के सभी परिवारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वे कर सूची तैयार करेंगी। प्रत्येक पंचायत को शुल्क संग्रह के लिए अलग बैंक खाता खोलना होगा, जिसमें एकत्रित राशि अगले कार्य दिवस पर जमा कराना अनिवार्य होगा।

विभिन्न श्रेणियों के लिए मासिक शुल्क दरें

  • सामान्य ग्रामीण परिवार: ₹50 प्रति माह
  • सामान्य दुकानें, ढाबे, चाय-मिठाई की दुकानें, छोटे कार्यालय: ₹100 प्रति माह
  • फल-सब्जी के थोक व्यापारी, बड़े कार्यालय, बेकरी, वाहन मरम्मत कार्यशालाएं: ₹500 प्रति माह
  • बैंक, रेस्टोरेंट, मैरिज हॉल, सिनेमा हॉल, 50 से अधिक बिस्तरों वाले अस्पताल: ₹1,000 से ₹3,000 प्रति माह

प्रभाव और महत्व

यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देने और कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है। एकत्रित राशि का उपयोग विशेष रूप से सफाई कार्यों, सफाई मित्रों के मानदेय और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर किया जाएगा। पंचायत सचिव संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जसरोटिया ने बीडीओ के निर्देशों की पुष्टि की है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

सभी पंचायत निवासियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित शुल्क का भुगतान समय पर करें। शुल्क निर्धारण के लिए ग्रामसभा की बैठकों में भाग लें और अपनी राय दें। यदि किसी पंचायत में शुल्क तय नहीं हुआ है, तो संबंधित पंचायत सचिव से संपर्क करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हिमाचल पंचायतों में कचरा शुल्क कब से लागू हुआ?

यह शुल्क मॉडल उप नियम-2026 के तहत 12 जुलाई 2026 से लागू किया गया है।

सामान्य ग्रामीण परिवार को कितना कचरा शुल्क देना होगा?

सामान्य ग्रामीण परिवारों से 50 रुपये प्रति माह शुल्क लिया जाएगा।

बड़े संस्थानों के लिए अधिकतम शुल्क कितना है?

बैंक, रेस्टोरेंट, मैरिज हॉल, सिनेमा हॉल और 50 से अधिक बिस्तरों वाले अस्पतालों से 1000 से 3000 रुपये प्रति माह तक शुल्क लिया जाएगा।

कचरा शुल्क की राशि का उपयोग कहां होगा?

एकत्रित राशि का उपयोग केवल स्वच्छता कार्यों, सफाई मित्रों के मानदेय और कचरा प्रबंधन पर किया जाएगा।

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