Himachal | 16वां वित्त आयोग

16वें वित्त आयोग से पंचायतों के बजट का ढांचा बदला, अब 50:50 अनुपात में होगा फंड खर्च

मुख्य तथ्य हिमाचल प्रदेश में 16वें वित्त आयोग के लागू होने के साथ पंचायतों के बजट खर्च की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब वित्त आयोग से मिलने वाले अनुदान को 60:40 के…

मुख्य तथ्य

हिमाचल प्रदेश में 16वें वित्त आयोग के लागू होने के साथ पंचायतों के बजट खर्च की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब वित्त आयोग से मिलने वाले अनुदान को 60:40 के बजाय 50:50 अनुपात में टाइड और अनटाइड मदों पर खर्च किया जाएगा। यह बदलाव प्रदेश की सभी पंचायतों पर लागू होगा।

नए नियम का विवरण

पंचायती राज विभाग के अनुसार, 16वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त बजट का अब 50 प्रतिशत हिस्सा टाइड मदों पर और 50 प्रतिशत अनटाइड मदों पर खर्च किया जाएगा। पहले 60 प्रतिशत राशि टाइड मदों पर खर्च होती थी, जबकि केवल 40 प्रतिशत ही पंचायतों के विवेक पर उपलब्ध था।

टाइड मद में शामिल कार्य

  • पेयजल आपूर्ति
  • वर्षा जल संचयन
  • जल पुनर्चक्रण
  • स्वच्छता और कचरा प्रबंधन
  • सामुदायिक शौचालयों का निर्माण/रखरखाव
  • नाली/सीवर प्रबंधन

अनटाइड मद में शामिल कार्य

  • सड़क निर्माण और मरम्मत
  • नाली निर्माण
  • स्ट्रीट लाइट लगाना
  • पंचायत भवन की मरम्मत
  • श्मशानघाट/कब्रिस्तान का विकास
  • पार्क निर्माण

गौरतलब है कि अनटाइड फंड का उपयोग वेतन या अन्य प्रशासनिक कार्यालयी खर्चों के लिए नहीं किया जा सकता।

प्रभाव और पंचायतों को लाभ

इस बदलाव से पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं बनाने में अधिक लचीलापन मिलेगा। अब पंचायतें टाइड और अनटाइड दोनों मदों में समान रूप से धन खर्च कर सकेंगी, जिससे बुनियादी सुविधाओं का अधिक संतुलित विकास हो सकेगा। कांगड़ा जिले के जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर ने कहा, 'पंचायतों में 16वां वित्तायोग लागू होगा। इसके तहत फंड को 50-50 के अनुपात में टाइड-अनटाइड मदों पर खर्च किया जाएगा।'

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

यह नियम सभी पंचायतों पर लागू होता है। पंचायत प्रतिनिधियों को सलाह दी जाती है कि वे नए अनुपात के अनुसार बजट योजना बनाएं और सुनिश्चित करें कि दोनों मदों में संतुलित खर्च हो। इससे स्थानीय विकास को गति मिलेगी और सरकार की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सकेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

16वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों को फंड खर्च करने का नया नियम क्या है?

अब फंड को 50:50 के अनुपात में टाइड और अनटाइड मदों पर खर्च करना होगा, जबकि पहले यह अनुपात 60:40 था।

टाइड मद में किन कार्यों पर खर्च किया जाएगा?

टाइड मद में पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, सामुदायिक शौचालय और नाली/सीवर प्रबंधन शामिल हैं।

अनटाइड मद में कौन से कार्य आते हैं?

अनटाइड मद में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पंचायत भवन की मरम्मत, श्मशानघाट/कब्रिस्तान और पार्क निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। इस फंड का उपयोग वेतन या प्रशासनिक खर्चों के लिए नहीं किया जा सकता।

इस बदलाव से पंचायतों को क्या लाभ होगा?

पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं बनाने में अधिक लचीलापन मिलेगा और दोनों मदों में समान राशि खर्च करने की सुविधा होगी।

Follow us on Google News

Explore more

हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर हमला, बोले- सीएम के झूठ पर पर् — Himachal briefing

हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर हमला, बोले- सीएम के झूठ पर पर् — Himachal briefing HimachalGovt.com has…

More on Himachal from Himachal Pradesh

Mandi News: पठान गांव में डायरिया पीड़ित एक और मरीज पहुंचा अस्पताल

Mandi News: पठान गांव में डायरिया पीड़ित एक और मरीज पहुंचा अस्पताल HimachalGovt.com has prepared an original public briefing so readers can…

खेल: जापान में बजेगा देवभूमि की बेटियों का डंका, स्वर्ण पदक के लिए उतरेंगी हिमाचल की 4 कबड — Himachal briefing

खेल: जापान में बजेगा देवभूमि की बेटियों का डंका, स्वर्ण पदक के लिए उतरेंगी हिमाचल की 4 कबड — Himachal briefing HimachalGovt.com…

Kullu News: शिक्षा के मंदिर में सुरक्षा की चिंता

Kullu News: शिक्षा के मंदिर में सुरक्षा की चिंता HimachalGovt.com has prepared an original public briefing so readers can understand the issue…