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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: आपराधिक मामले में भी पासपोर्ट नवीनीकरण का अधिकार

मुख्य तथ्य हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित होने के बावजूद उसके पासपोर्ट के नवीनीकरण से इनकार नहीं किया जा सकता।…

मुख्य तथ्य

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित होने के बावजूद उसके पासपोर्ट के नवीनीकरण से इनकार नहीं किया जा सकता। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की पीठ ने सुनाया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह और कनिष्क स्वरूप से जुड़ा है, जिन्होंने पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए याचिका दायर की थी। पासपोर्ट अधिकारियों ने उनके खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए नवीनीकरण से इनकार कर दिया था। एकल न्यायाधीश ने 25 जून 2025 को पासपोर्ट अधिकारियों को नवीनीकरण का आदेश दिया था, जिसे केंद्र सरकार ने खंडपीठ में चुनौती दी।

हाईकोर्ट का फैसला

खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि पासपोर्ट अधिनियम की धारा 6(2)(एफ) आपराधिक मामले लंबित होने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाती। अदालत ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट नवीनीकरण और विदेश यात्रा की अनुमति दो अलग-अलग बातें हैं। नवीनीकरण के बाद भी विदेश यात्रा के लिए संबंधित ट्रायल कोर्ट से अनुमति लेनी होगी।

प्रभाव और महत्व

यह फैसला उन सभी नागरिकों के लिए राहत लेकर आया है जिनके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि पासपोर्ट एक मौलिक अधिकार नहीं है, लेकिन इससे वंचित करना उचित नहीं है। अदालत ने पासपोर्ट अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर नवीनीकरण करने का निर्देश दिया।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • यदि आपके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित है, तो भी आप पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • नवीनीकरण के बाद विदेश यात्रा के लिए ट्रायल कोर्ट से अनुमति लेना आवश्यक होगा।
  • पासपोर्ट अधिकारी केवल आपराधिक मामले के आधार पर नवीनीकरण से इनकार नहीं कर सकते।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आपराधिक मामला लंबित होने पर पासपोर्ट नवीनीकरण संभव है?

हां, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल आपराधिक मामला लंबित होने पर पासपोर्ट नवीनीकरण से इनकार नहीं किया जा सकता। नवीनीकरण के बाद विदेश यात्रा के लिए संबंधित अदालत से अनुमति लेनी होगी।

विक्रमादित्य सिंह के मामले में हाईकोर्ट का क्या आदेश है?

हाईकोर्ट ने पासपोर्ट अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर विक्रमादित्य सिंह और कनिष्क स्वरूप का पासपोर्ट नवीनीकरण करने का निर्देश दिया है।

पासपोर्ट नवीनीकरण और विदेश यात्रा में क्या अंतर है?

पासपोर्ट नवीनीकरण एक दस्तावेजी प्रक्रिया है, जबकि विदेश यात्रा के लिए आपराधिक मामले वाले व्यक्ति को संबंधित ट्रायल कोर्ट से अनुमति लेनी होगी।

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